1. You Are At:
  2. होम
  3. विदेश
  4. यूरोप
  5. ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्सिट समझौता खारिज, लेबर पार्टी ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्सिट समझौता खारिज, लेबर पार्टी ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

थेरेसा मे की इस करारी हार के बाद लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में चर्चा की जाएगी।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk [Published on:16 Jan 2019, 9:58 AM IST]
ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्सिट समझौता खारिज, लेबर पार्टी ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव- India TV
ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्सिट समझौता खारिज, लेबर पार्टी ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

 लंदन: ब्रिटेन की संसद ने मंगलवार को ब्रेक्सिट समझौता खारिज कर दिया। इसके बाद यूरोपीय संघ से देश के अलग होने की योजना पर और अधिक संशय के बादल मंडराने लगे हैं। पांच दिन की बहस के बाद ब्रिटेन की सरकार और ईयू के बीच हुए समझौते के पक्ष में 202 वोट पड़े और इसके खिलाफ 432 वोट पड़े। यह आधुनिक इतिहास में किसी भी ब्रितानी प्रधानमंत्री की सबसे करारी हार है। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के पास अपना 'प्लान बी' पेश करने के लिए तीन दिनों का समय है। 

Related Stories

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के ईयू से अलग होने के लिए 29 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है। थेरेसा मे की इस करारी हार के बाद लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में चर्चा की जाएगी।

ब्रिटेन 1973 में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ का सदस्य बना था। उसे 29 मार्च को ईयू से अलग होना है। ईयू से अलग होने की तारीख आने में केवल दो महीने बचे हैं, लेकिन ब्रिटेन अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाया है कि उसे क्या करना है। बेक्जिट के समर्थक और ब्रिटेन के ईयू में बने रहने के समर्थक दोनों विभिन्न कारणों से इस समझौते का विरोध कर रहे है। 

कई लोगों को आशंका है कि बेक्जिट के कारण ब्रिटेन के यूरोपीय संघ के साथ व्यापार संबंध बिगड़ सकते हैं। मे की कंजर्वेटिव पार्टी के 100 से अधिक सांसदों ने समझौते के विरोध में मतदान किया। ब्रिटेन के हालिया इतिहास में यह किसी सरकार की सबसे करारी संसदीय हार है। इस हार के साथ ही ब्रेक्जिट के बाद ईयू के साथ निकट संबंध बनाने की टेरेसा मे की दो वर्षीय रणनीति का भी कोई औचित्य नहीं रहा।

मे ने ‘हाउस ऑफ कामन्स’ में हार के बाद कहा कि सांसदों ने यह बता दिया है कि वे खिलाफ हैं, लेकिन यह नहीं बताया है कि वे किसका समर्थन करते हैं। ब्रिटेन की संसदीय प्रक्रिया के अनुसार जब सांसद कोई विधेयक खारिज कर देते हैं, तो प्रधानमंत्री के पास ‘दूसरी योजना’ (प्लान बी) के साथ संसद में आने के लिए तीन कामकाजी दिन होते हैं। ऐसी संभावना है कि मे बुधवार को ब्रसेल्स जाकर ईयू से और रियायतें लेने की कोशिश करेंगी और नए प्रस्ताव के साथ ब्रिटेन की संसद में आएंगी।

सांसद इस पर भी मतदान करेंगे। यदि यह प्रस्ताव भी असफल रहता है तो सरकार के पास एक अन्य विकल्प के साथ लौटने के लिए तीन सप्ताह का समय होगा। यदि यह समझौता भी संसद में पारित नहीं होता है तो ब्रिटेन बिना किसी समझौते के ही ईयू से 29 मार्च को बाहर हो जाएगा।

इंडिया टीवी 'फ्री टू एयर' न्यूज चैनल है, चैनल देखने के लिए आपको पैसे नहीं देने होंगे, यदि आप इसे मुफ्त में नहीं देख पा रहे हैं तो अपने सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें।
Web Title: ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्सिट समझौता खारिज, लेबर पार्टी ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव - British Parliament rejects Theresa May’s Brexit deal, leaving withdrawal from EU and prime minister’s political future in doubt
Write a comment
vandemataram-india-tv
manohar-parrikar
ipl-2019