1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. विदेश
  4. यूरोप
  5. इस ब्रह्मांड में हम ही अकेले नहीं? वैज्ञानिकों ने खोजे जीवन की संभावनाओं से भरे 2 नए ग्रह

इस ब्रह्मांड में हम ही अकेले नहीं? वैज्ञानिकों ने खोजे जीवन की संभावनाओं से भरे 2 नए ग्रह

वैज्ञानिकों ने 2 ऐसे ग्रहों की खोज की है जो पृथ्वी के समान गर्म हैं और उनमें पानी हो सकता है। एक शोध के मुताबिक इन ग्रहों पर ऐसे हालात हैं जिनमें जीवन की संभावना देखी जा सकती है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: June 19, 2019 6:47 IST
Two potentially life-friendly planets found orbiting a nearby star | Pixabay Representational- India TV
Two potentially life-friendly planets found orbiting a nearby star | Pixabay Representational

मैड्रिड: वैज्ञानिकों ने 2 ऐसे ग्रहों की खोज की है जो पृथ्वी के समान गर्म हैं और उनमें पानी हो सकता है। एक शोध के मुताबिक इन ग्रहों पर ऐसे हालात हैं जिनमें जीवन की संभावना देखी जा सकती है। वैज्ञानिक 2016 के बाद से 3.5-मीटर टेलीस्कोप का उपयोग करके पास के सितारों के पास मौजूद ग्रहों पर जीवन की खोज कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलमेरिया, दक्षिणी स्पेन में कैलार ऑल्टो वेधशाला और 2 अन्य स्पैनिश दूरबीनों में कैद की गई छवियों में शोधकर्ताओं को हमारे सौर मंडल से लगभग 12.5 प्रकाश वर्ष दूर टेगेर्डन स्टार (एक ठंडा लाल बौना सितारे) से जुड़ी बड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

शोधपत्र के सह-लेखक इग्नासी रिबास ने कहा, ‘टेगार्डन सूर्य के द्रव्यमान का केवल 8 प्रतिशत है। यह सूर्य की तुलना में बहुत छोटा और बहुत कम चमकीला है। वास्तव में, पृथ्वी के बहुत करीब होने के बावजूद इसे 2003 तक खोजा नहीं गया था।’ सूर्य का तापमान जहां 5,500 सेल्सियस है, वहीं सितारे का तापमान लगभग 2,600 सेल्सियस है। यह हमारे सूर्य की तुलना में 10 गुना छोटा है, इसलिए यह 1,500 गुना कमजोर है और ज्यादातर अवरक्त तरंगों को प्रसारित करता है। एक बार तारे के मिल जाने के बाद वैज्ञानिकों ने डॉपलर तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसे वोबबल विधि के रूप में भी जाना जाता है, जो अपने चारों ओर ग्रहों का पता लगाने के लिए मूल तारे के रेडियल-वेग माप का उपयोग करता है।


डॉपलर तकनीक ने कम से कम 2 संकेतों का पता लगाया, जिन्हें अब ग्रहों टेगार्डन बी और टेगार्डन सी के रूप में पहचाना गया है। टेगार्डन बी का द्रव्यमान पृथ्वी के समान है और प्रत्येक 4.9 दिनों में सितारे की परिक्रमा करता है। दूसरे ग्रह कक्षा को पूरा करने में 11.4 दिन का समय लेता है, जो उसके वर्ष की लंबाई है। रिबास ने कहा, ‘दूसरे शब्दों में, यह अपने सितारे के बेहद नजदीक है। जितना प्रकाश हम सूर्य से प्राप्त करते है, उससे 10 प्रतिशत अधिक प्रकाश टेगार्डन एक प्राप्त करता हैं, इसलिए हम सोचते हैं कि यह बहुत गर्म हो सकता है और इसमें पानी नहीं हो सकता है। लेकिन यह सिर्फ अटकलें हैं, क्योंकि इसके जलवायु के तत्व हैं जो हमें नहीं पता है और इसका मतलब यह हो सकता है कि यहां क्या पता तरल पानी हो।’

टेगार्डन एक रहने योग्य क्षेत्र के बीच में घूमता है, जिसका अर्थ है कि इसकी सतह पर तापमान 0 डिग्री सेल्सियस और 100 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जिसका अर्थ है कि इसकी सतह पर बहुत अच्छी तरह से पानी हो सकता है। इसके अलावा वैज्ञानिक इस बात से उत्साहित हैं कि इसके दूसरे दोनों गृह प्राक्सीमा के साथ-साथ जीवन का समर्थन करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं। ये वे ग्रह हैं, जिन्होंने अब तक खोजे गए सभी ग्रहों पर वास के लिए सबसे अच्छी स्थिति प्रस्तुत की।

India TV पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। Europe News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन
Write a comment