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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के पीएम शेरिंग से की वार्ता, 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के अपने समकक्ष लोतै शेरिंग से शनिवार को विभिन्न विषयों पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय भागीदारी को और प्रगाढ बनाने के कदमों पर चर्चा की।

Bhasha Bhasha
Updated on: August 17, 2019 22:48 IST
PM Narendra Modi in Bhutan- India TV
Image Source : PTI  Prime Minister Narendra Modi being welcomed by his Bhutanese counterpart Lotay Tshering on his arrival at Paro International Airport.

थिम्पू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के अपने समकक्ष लोतै शेरिंग से शनिवार को विभिन्न विषयों पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय भागीदारी को और प्रगाढ बनाने के कदमों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया,‘‘हमारे करीबी संबंधों में नयी ऊर्जा और विश्वास कायम हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री ल्योनचेन डॉ.लोतै शेरिंग के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। विभिन्न क्षेत्रों में हमारी भागीदारी और बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की गयी।’’

कुमार ने कहा कि शब्दरूंग नामग्याल द्वारा 1629 में निर्मित सिमटोका जोंग में एमओयू पर दस्तखत होंगे। सिमतोका जोंग भूटान में सबसे पुराने स्थलों में एक है और यह मठ और प्रशासनिक मामलों का केंद्र है। पीएम नरेंद्र मोदी दूसरी बार भूटान आए हैं और इस साल मई में फिर से चुने जाने के बाद उनकी यह पहली यात्रा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ताशीचोजोंग पैलेस, भूटान में रस्मी स्वागत समारोह में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया । कुमार ने ट्वीट किया कि भूटान नरेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पैलेस में पारंपरिक चिपड्रेल प्रदर्शन और स्वागत समारोह हुआ। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का पारो एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ। भूटान के प्रधानमंत्री ने वहां उनकी अगवानी की।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘एयरपोर्ट पर स्वागत करने के लिए मैं भूटान के प्रधानमंत्री का बहुत आभारी हूं। उनका व्यवहार दिल को छू गया।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भूटान में अविस्मरणीय स्वागत हुआ। यह ऐसी जगह है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, यहां के लोग भी कमाल के हैं। यहां गजब का उत्साह है और भूटान के लोग भारत-भूटान दोस्ती को सफलता की नयी ऊंचाइयों पर जाते देखना चाहते हैं।

भूटान के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए पारो से राजधानी थिम्पू तक मार्ग के किनारे खड़े लोग भारतीय तिरंगा और भूटानी ध्वज लहरा रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान में युवा भूटानी छात्रों को भी संबोधित करेंगे।

10 सहमति करार पर हस्ताक्षर

दोनों देशों ने अपने संबंधों में नयी ऊर्जा का संचार करने के लिए 10 सहमति करार पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमने गहन चर्चा की, जिसमें हमने भारत और भूटान के बीच संबंधों पर विचार-विमर्श किया। हमारे राष्ट्रों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और बेहतर बनाने की बहुत गुंजाइश है।’’

उन्होंने मांगदेछू पनबिजली ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ किया तथा भारत-भूटान पनबिजली सहयोग के पांच दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में टिकट भी जारी किए। ऐतिहासिक सिमटोखा जोंग स्थल पर अपने भूटानी समकक्ष के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मैं दूसरे कार्यकाल के आरंभ में भूटान आकर बहुत खुश हूं ।’’

Bhutan

Prime Minister Narendra Modi being welcomed at Tashichhodzong Palace in Thimphu, Bhutan.

दोनों देशों ने अंतरिक्ष अनुसंधान, विमानन, आईटी, ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में 10 सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। पीएम मोदी ने शब्दरूंग नामग्याल द्वारा 1629 में निर्मित सिमटोखा जोंग में खरीदारी कर रूपे कार्ड की भी शुरुआत की। सिमटोखा जोंग भूटान में सबसे पुराने स्थलों में एक है और यह मठ और प्रशासनिक मामलों का केंद्र है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘मैं आज बहुत खुश हूं, हमने भूटान में रूपे कार्ड की शुरूआत की है। इससे डिजिटल भुगतान और व्यापार तथा पर्यटन में हमारे संबंध और आगे बढ़ेंगे। हमारी साझा आध्यात्मिक धरोहर और लोगों के बीच मजबूत आपसी संपर्क हमारे संबंधों की कुंजी हैं।’’

दक्षेस मुद्रा स्वैप प्रारूप के तहत भूटान के लिए मुद्रा स्वैप सीमा बढाने पर मोदी ने कहा कि भारत का रूख ‘‘सकारात्मक’’ है। विदेशी विनिमय जरूरत पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्वैप व्यवस्था के तहत भूटान को अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर उपलब्ध होगा। दोनों नेताओं ने भारत के नेशनल नॉलेज नेटवर्क और भूटान के ड्रूक रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क के बीच अंतर-सम्पर्क की ई-पट्टिका का भी अनावरण किया।

उन्होंने कहा, ‘‘भूटान की प्रगति में बड़ा सहयोगी बनना भारत के लिए गौरव की बात है। भूटान की पंचवर्षीय योजना में भारत का सहयोग जारी रहेगा।’’ दोनों नेताओं ने भूटान में दक्षिण एशिया उपग्रह के इस्तेमाल के लिए इसरो के सहयोग के साथ विकसित सैटकॉम नेटवर्क और ग्राउंड अर्थ स्टेशन का भी संयुक्त तौर पर शुभारंभ किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिए भूटान के विकास को बढावा देने के प्रति कटिबद्ध है। भारत भूटान में संचार, लोक प्रसार और आपदा प्रबंधन कवरेज को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि रॉयल भूटान विश्वविद्यालय और भारत के आईआईटी तथा अन्य शीर्ष शैक्षाणिक संस्थानों के बीच तालमेल और संबंध शिक्षा और प्रौद्योगिकी के लिए आज की जरूरतों के अनुरूप है।

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग ने कहा कि भारत और भूटान का आकार भले अलग-अलग हो लेकिन हमारी सोच, मूल्य और प्रेरणा समान हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भूटान के उनके (मोदी) पहले दौरे पर, याद दिलाना चाहूंगा कि मैंने कहा था कि भारत और भूटान इसलिए करीब नहीं है क्योंकि हमारी खुली सीमा है बल्कि इसलिए हैं कि हमारे दिल एक दूसरे के लिए खुले हैं। इस बार आपकी यात्रा दिखाती है कि आपको इसको कितना महत्व देते हैं।’’

पीएम मोदी ने सिमटोखा जोंग में एक पौधा भी लगाया। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ताशीचोजोंग पैलेस, भूटान में रस्मी स्वागत समारोह में सलामी गारद का निरीक्षण किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि महामहिम भूटान नरेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महल में पारंपरिक चिपड्रेल जुलूस और स्वागत समारोह हुआ। भूटान आने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारो हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ। भूटान के प्रधानमंत्री ने वहां उनकी अगवानी की ।

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