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SCO समिट: शी जिनपिंग ने कहा- भारत, पाकिस्तान के शामिल होने से बढ़ेगी संगठन की ताकत

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में भारत और पाकिस्तान के शामिल होने से इसकी ताकत और बढ़ेगी...

Bhasha Bhasha
Updated on: June 10, 2018 18:45 IST
India, Pak's entry to bolster strength, says Xi Jinping at Asian Summit SCO | AP- India TV
India, Pak's entry to bolster strength, says Xi Jinping at Asian Summit SCO | AP

चिंगदाओ: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में भारत और पाकिस्तान के शामिल होने से इसकी ताकत और बढ़ेगी। उन्होंने 8 सदस्यीय इस समूह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन का स्वागत किया। चीन स्थित SCO में पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के सदस्यों के रूप में शामिल होने के बाद से मोदी और हुसैन ने पहली बार इस शिखर सम्मेलन में भाग लिया। 18वें SCO सम्मेलन की मेजबानी कर रहे जिनपिंग ने अपने भाषण में कहा कि यहां पूर्वी चीनी बंदरगाह शहर में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति हुसैन की उपस्थिति ‘महान ऐतिहासिक क्षण’ है।

जिनपिंग ने कहा,‘संगठन शंघाई भावना के लिए खड़ा है।’ उन्होंने आम, व्यापक, समग्र, सहकारी और दीर्घकालीन सुरक्षा का आह्वान किया। उन्होंने कहा,‘हमें शीत युद्ध की मानसिकता और गुटों के बीच टकराव को खारिज करना चाहिए और अन्य देशों की सुरक्षा के खर्च पर स्वयं की पूर्ण सुरक्षा के चलन का विरोध करना चाहिए, ताकि सभी देशों को सुरक्षा प्राप्त हो सके। हमें आत्म केन्द्रित, अदूरदर्शी और बंद कमरे की राजनीति को खारिज करना चाहिए। हमें WTO नियमों को कायम रखना चाहिए और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का समर्थन करना चाहिए ताकि खुली दुनिया की अर्थव्यवस्था का निर्माण हो सके।’ चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि समानता, पारस्परिक शिक्षा, वार्ता, संस्कृतियों के बीच समावेश का समर्थन किया जाना चाहिए।

उन्होंने समस्याओं को दूर करने, जोखिमों को कम करने और चुनौतियों से निपटने के लिए 'शंघाई भावना' को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘हमें उन्नत, समन्वित, खुले और समावेशी विकास को बनाए रखना चाहिए और विभिन्न देशों की समन्वित, सामाजिक तथा आर्थिक प्रगति को हासिल करना चाहिए और असंतुलित विकास के कारण उत्पन्न हुए मुद्दों को हल करना चाहिए। हमें विकास में आई खाई को पाटना चाहिए और साझा समृद्धि को बढ़ावा देना चाहिए।’ जिनपिंग ने कहा कि SCO सदस्य देशों को आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ का मुकाबला करने के लिए सहयोग के 2019-2021 कार्यक्रम को सक्रिय रूप से लागू किये जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को रक्षा, सुरक्षा, कानून प्रवर्तन सुरक्षा और सूचना सुरक्षा पर सहयोग को बढ़ाना चाहिए। उन्होंने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में शांति और पुनर्निर्माण के लिए SCO-अफगानिस्तान संपर्क समूह की भूमिका के पूर्ण निर्वहन के लिए प्रयास किए जाने का भी आह्वान किया। शी ने कहा कि SCO सदस्य देशों को साझा विकास हासिल करने के लिए एक मजबूत तंत्र बनाने की जरूरत है। इसके बाद शी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि SCO सदस्यों को WTO नियमों की प्रभावशीलता को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक खुली, समावेशी, पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को मजबूत करें, और किसी भी रूप में व्यापार संरक्षणवाद का विरोध करें।

उन्होंने कहा कि सभी पक्ष क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग व्यवस्था, व्यापार, निवेश, वित्त, संपर्क और कृषि, अग्रिम व्यापार तथा निवेश आदि के क्षेत्र में काम करना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के अलावा सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी समेत कई अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। SCO 8 देशों का समूह है जो दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या और 20 प्रतिशत वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करता है।

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