1. You Are At:
  2. होम
  3. विदेश
  4. एशिया
  5. ‘भारत ने हमेशा दक्षिण एशिया में प्रभुत्व बनाए रखने की कोशिश की’

‘भारत ने हमेशा दक्षिण एशिया में प्रभुत्व बनाए रखने की कोशिश की’

पाकिस्तान प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने आज दावा किया कि भारत ने हमेशा दक्षिण एशिया क्षेत्र पर अपना प्रभुत्व बरकरार रखने की कोशिश की

Bhasha [Updated:21 Jun 2016, 3:52 PM IST]
sartaj aziz- India TV
sartaj aziz

इस्लामाबाद: पाकिस्तान प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने आज दावा किया कि भारत ने हमेशा दक्षिण एशिया क्षेत्र पर अपना प्रभुत्व बरकरार रखने की कोशिश की जबकि पाकिस्तान ने प्रभावी रूप से अपने हितों की हिफाजत करते हुए इसे खारिज किया है। अजीज ने पाकिस्तानी टेलीविजन चैनल समा टीवी के साथ साक्षात्कार में एक सवाल के जवाब में कहा, पाकिस्तान ने इस :भारतीय: प्रभुत्व को खारिज किया और अपने हितों की और कश्मीर, परमाणु प्रतिरोधी क्षमता एवं पारंपरिक हथियार संतुलन पर रूख की प्रभावी तरह से रक्षा की।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता और अहम हितों की रक्षा एक राष्ट्र के रूप में उसकी बड़ी उपलब्धि है। अजीज ने अफगान शरणार्थी समस्या की चर्चा करते हुए कहा कि आवागमन पर रोक-टोक नहीं होने की वजह से यह पाकिस्तान के लिए सुरक्षा का एक मुद्दा बन गया है क्योंकि शरणार्थी शिविर आतंकवादियों के लिए पनाहगाह बन गए हैं। उन्होंने कहा, हमने फाटा :कबायली इलाकों: पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है लेकिन अगर अफगान सीमा विनियमन से मुक्त रहे तो हमारे कबायली इलाके सुरक्षित नहीं रह सकते। उन्होंने अफगान शरणार्थियों की वापसी का आह्वान करते हुए कहा कि यह एक क्रमिक प्रक्रिया होगी और इस प्रक्रिया के लिए पाकिस्तान को एक कार्ययोजना की जरूरत होगी।

अजीज ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में रूसी हमले के दौरान जो नीतियां अपनाई थी, उसकी कीमत चुका रहा है। उस वक्त नशीली दवाएं और बंदूक के साथ पचास लाख शरणार्थी पाकिस्तान में आए थे। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने गैर-हस्तक्षेप की नीति पर चलने का फैसला किया है जिसका मतलब है कि वह किसी और की जंग नहीं लड़ेगा।

India TV पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। Asia News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन
Web Title: India has always tried to maintain hegemony in South Asia: Sartaj Aziz
Write a comment