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बेहतर कनेक्टिविटी के साथ रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से बदलेगी इस शहर की सूरत, निवेश के लिए हैं बेहतर मौके

राजस्थान का अलवर शहर भी ऐसा ही शहर है, जहां बीते कुछ सालों में इस शहर की कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए कई परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: October 07, 2019 15:31 IST
property in alwar- India TV Paisa
Photo:PROPERTY IN ALWAR

property in alwar

नई दिल्‍ली। किसी भी शहर का रियल एस्टेट मार्केट उसके अन्य शहरों व राज्यों के साथ कनेक्टिविटी पर काफी निर्भर करता है। राजस्‍थान का अलवर शहर भी ऐसा ही शहर है, जहां बीते कुछ सालों में इस शहर की कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए कई परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसके बाद शहर की सूरत पूरी तरह से बदलने के कयास लगाएं जा रहे हैं। साथ ही कई बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स ने भी अलवर में अपनी-अपनी परियोजनाओं को लॉन्‍च करने की घोषणा की है। कनेक्टिविटी बेहतर होने से यहां  घरों की मांग भी बढ़ेगी और इस मांग को पूरा करने के लिए शहर का रियल एस्टेट मार्केट भी पूरी तरह से तैयार है।

राजस्थान सरकार ने दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी आरआरटीएस कॉरिडोर को मंजूरी मिलने के बाद रैपिड रेल का उत्‍तर प्रदेश के मेरठ से चलकर गाजियाबाद होते हुए अलवर तक पहुंचना तय हो चुका है। दिल्ली के सराय काले खां से अलवर तक के 164 किलोमीटर का सफर 55 मिनट में यात्री तय कर सकेंगे। इस रूट पर सर्वे के अनुसार 9.1 लाख लोगों को रोजाना फायदा होगा। इससे अलवर में घर खरीददारों की संख्या बढ़ेगी और लोग ज्यादा से ज्यादा यहां के रियल एस्टेट मार्केट में निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।

दिल्ली–बड़ोदरा एक्सप्रेस-वे जिले के रामगढ़, रैनी व लक्ष्मणगढ़ के 52 गांव से होकर करीब 72 किलोमीटर की दूरी तय करेगा, जो जिले के तीनों तहसील क्षेत्रों की जीवन रेखा साबित होगा। प्रोजेक्ट निर्माण शुरू हो चुका है और निर्माण-कार्य 2 साल में पूरा होना निर्धारित है। अलवर के साथ-साथ यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के दौसा, सवाईमाधोपुर, कोटा व बूंदी जिलों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी से सीधा संपर्क होने की वजह से अलवर शहर प्रॉपर्टी में निवेश के लिए सबसे उपयुक्त मार्केट साबित होगा।

विमानन मंत्रालय द्वारा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) पर व्यापारिक गतिविधियों के लिए दरवाजे खोलते हुए राजस्थान के अलवर जिले में एक ग्रीन फील्ड कार्गो एयरपोर्ट को मंजूरी दी जा चुकी है। इस परियोजना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। एनसीआर के पास होने और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को मजबूती देने के साथ ही यह परियोजना बहुत सारे आर्थिक और निवेश के अवसरों को पैदा करेगी। जिससे अंततः प्रॉपर्टी की मांग में इजाफा होगा, विशेषकर अफोर्डेबल हाउसिंग को कई गुना बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

शहर के कमर्शियल सेगमेंट पर बात करते हुए भूमिका ग्रुप के एमडी उद्धव पोद्दार ने कहा कि कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने के साथ ही अलवर रियल एस्टेट में निवेश के लिहाज से एक आदर्श मार्केट बन चुका है। यहां पहले से ही डेवलपर्स द्वारा काफी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स बनाए जा चुके है और कई प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित हैं, जिससे आने वाले समय यहां मॉल आदि की मांग में इजाफा होगा, जिसे पूरा करने के लिए हम यहां शहर का सबसे आधुनिक मॉल अर्बन स्क्वायर गैलेरिया को विकसित कर रहे हैं।  अलवर में अभी तक नामी व चुनिन्दा ब्रांड्स के लिए एक ऑर्गेनाइज्‍ड जगह नहीं थी लेकिन अर्बन स्क्वायर गैलेरिया मॉल आने के बाद आईनॉक्स समेत कई नेशनल ब्रांड्स इससे जुड़े हैं और पहली बार अलवर मार्केट में प्रवेश कर रहे हैं, जो इस मार्केट की गतिशीलता को दर्शाता है।

अलवर के रियल एस्टेट मार्केट पर बात करते हुए रियल एस्टेट कंपनी सिग्नेचर सत्त्वा के फाउंडर व चेयरमैन प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में अलवर कई मायनों में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक उभरता मार्केट साबित हो रहा है। राजधानी दिल्ली से करीब और बेहतर संपर्क स्थापित होने से लोग ज्यादा से ज्यादा यहां के रियल एस्टेट मार्केट में निवेश कर रहे हैं। औसतन दिल्ली-एनसीआर में एक नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए घर लेना अलवर की तुलना में महंगा है। इसलिए अलवर में अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग सबसे ज्यादा बढ़ेगी और सरकार द्वारा इस सेगमेंट के लिए हुई लाभकारी घोषणाओं के बाद हर किसी के लिए अपने घर का सपना पूरा करना आसान होगा।

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