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आपका होगा फायदा: सार्वजनिक क्षेत्र के आधा दर्जन बैंकों ने ऋण पर ब्याज चौथाई प्रतिशत तक घटाया

सार्वजनिक क्षेत्र के करीब आधा दर्जन बैंकों ने अपने ऋण की ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: October 11, 2019 7:12 IST
public sector banks cut lending rates- India TV Paisa

public sector banks cut lending rates

नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के करीब आधा दर्जन बैंकों ने अपने ऋण की ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है। इन बैंकों में बैंक आफ इंडिया, ओरियंटल बैंक आफ कॉमर्स और बैंक आफ महाराष्ट्र शामिल हैं। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद से बैंक अपने ऋण की ब्याज दर में कटौती कर रहे हैं। इन बैंकों की बेंचमार्क ऋण दर में कटौती से गृह, वाहन और अन्य कर्ज सस्ते हो जाएंगे। जानिए किन-किन बैंकों ने ऋण की ब्याज दरों में कटौती की है और कैसे आपका फायदा होगा।

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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने भी सभी टेन्योर के मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.10 फीसदी की कटौती की है। इसका फायदा सभी श्रेणी के ग्राहकों को होगा। संशोधित दरें 10 अक्टूबर से प्रभावी हो जा गई हैं। बैंक के अनुसार, एसबीआई में एक साल की अवधि के लिए MCLR अब 8.15 फीसदी से घटकर 8.05 फीसदी रह गया है।

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इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने भी एक नवंबर से खुदरा और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के लिए कर्ज पर ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है। आईओबी ने कहा, 'एक नवंबर से खुदरा खंड आवास, वाहन, शिक्षा, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के लिए ऋण पर ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। वहीं रेपो दर से जुड़ी ऋण दर को भी 8.25 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत किया जाएगा। 

bank of india

इसी तरह बैंक आफ इंडिया ने एक दिन के कर्ज पर कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) को 0.15 प्रतिशत घटा दिया है। एक साल के ऋण पर एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत की कटौती की गई है। बैंक ने कहा है कि एमसीएलआर में कटौती 10 अक्टूबर से लागू होगी। 

Bank of Maharashtra

पुणे मुख्यालय वाले बैंक आफ महाराष्ट्र ने विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण पर एमसीएलआर में 0.10 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि एक साल की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर अब 8.40 प्रतिशत रहेगी, यह कटौती आठ अक्टूबर से लागू हो गई है। एक दिन से लेकर छह महीने के ऋण पर एमसीएलआर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 8.05 से 8.30 प्रतिशत किया गया है। बैंक ने रेपो दर से जुड़ी ऋण दर को भी आठ अक्टूबर से 0.25 प्रतिशत घटाकर 8.45 प्रतिशत से 8.20 प्रतिशत कर दिया है। बैंक ने अपनी आधार दर को सालाना 9.50 प्रतिशत पर कायम रखा है। 

Oriental Bank of Commerce

ओरियंटल बैंक आफ कॉमर्स ने एक साल के ऋण के लिए एमसीएलआर को 8.40 प्रतिशत से घटाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया है। नई दरें 10 अक्टूबर से प्रभावी होंगी।

bank of baroda

बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने रेपो रेट से लिंक्ड रिटेल लोन की ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती कर दी है। बीओबी ने बयान में कहा कि रेपो रेट बेंचमार्क से लिंक्ड कंज्यूमर लोन्स के लिए ब्याज दरों को 0.25 फीसदी घटा दिया गया है। नई दरें रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन, मॉर्गेज लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन और अन्य रिटेल लोन प्रॉडक्ट्स पर लागू होंगी। बैंक ने आगे कहा कि अब होम लोन और ऑटो लोन्स के लिए ब्याज दरें 8.10 फीसदी से लेकर 8.60 फीसदी सालाना हो गई हैं।

 

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (आरबीएलआर) को 0.25 फीसदी घटा दिया है। नई दर 10 अक्टूबर 2019 से प्रभावी है। इस कटौती से बैंक के हाउसिंग लोन (कम जोखिम वाली श्रेणी में) की ब्याज दर घटकर आठ फीसदी रह गई। एमएसई लोन की दर कटौती के बाद 8.95-9.50 फीसदी रह गई।

केरल सरकार को बैंक शुरू करने की मंजूरी

केरल सरकार को बैंक शुरू करने के लिए आरबीआई से अनुमति मिल गई है। प्रदेश सरकार अब जिला सहकारी बैंकों का विलय कर खुद का बैंक शुरू कर सकती है। प्रस्ताव के तहत केरला बैंक प्रदेश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क बन जाएगा। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आरबीआई की मंजूरी पर खुशी जताते हुए कहा कि केरला बैंक का निर्माण जिला सहकारी बैंकों का राज्य सहकारी बैंकों में विलय से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से उम्मीद है कि प्रदेश के विकास में तेजी आएगी। सरकार इसमें 13 जिला सहकारी बैंकों का विलय करेगी।

गौरतलब है कि मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय की गई एक पद्धति है जो कॉमर्शियल बैंक्स द्वारा ऋण ब्याज दर तय करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। भारत में नोटबंदी के बाद से इसे लागू किया गया है जिसकी वजह से लोन लेना थोड़ा आसान हो गया है। बैंकों से ऋण लेने पर ब्याज दर निर्धारित करने के लिए अप्रैल 2016 में आरबीआई ने एमसीएलआर की शुरुआत की थी।

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