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RBI, SEBI ने कहा: वित्तीय बाजारों पर है नजर, जरूरत पड़ी तो करेंगे कार्रवाई

SEBI ने शेयर बाजारों से शुक्रवार को हुये बड़े सौदों के बारे में जानकारी भी मांगी है और बाजार में तेज घट-बढ़ को रोकने के लिये दृढ़ता से नजर रखेगी

Edited by: India TV Paisa Desk [Published on:24 Sep 2018, 8:27 AM IST]
SEBI and RBI Statement on financial market- India TV Paisa

SEBI and RBI Statement on financial market

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में बीते शुक्रवार को कुछ समय के लिये आयी तेज गिरावट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बाजार नियामक SEBI ने रविवार को कहा कि वह वित्तीय बाजार पर करीब से नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई के लिये तैयार हैं। इस हफ्ते आज सोमवार को कारोबार शुरू होने पर बाजारों में तीव्र उतार-चढ़ाव की आशंका के बीच दोनों नियामकों ने रविवार को अलग-अलग एक जैसा बयान जारी किया है। 

रिजर्व बैंक और SEBI ने अलग-अलग बयान में कहा कि RBI और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) वित्तीय बाजार में हाल में आये उतार-चढ़ाव पर करीब से नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई के लिये तैयार हैं। सूत्रों ने कहा कि SEBI ने शेयर बाजारों से शुक्रवार को हुये बड़े सौदों के बारे में जानकारी भी मांगी है और बाजार में तेज घट-बढ़ को रोकने के लिये दृढ़ता से नजर रखेगी। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स पिछले हफ्ते शुक्रवार को मजबूती के साथ खुला और दोपहर के कारोबार में अचानक 1,127.58 अंक यानी 3.03 प्रतिशत का गोता लगाकर 35,993.64 अंक के न्यूनतम स्तर पर आ गया। हालांकि, बाद में इसमें तेजी से सुधार भी आया। अंत में सेंसेक्स 279.62 अंक की गिरावट के साथ 36,841.60 अंक पर बंद हुआ। पूरे कारोबार के दौरान इसमें 1,495.60 अंक का उतार-चढ़ाव देखा गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 91.25 अंक की गिरावट के साथ 11,143.10 अंक पर बंद हुआ। बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गयी और इससे निवेशकों को 5.6 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी। 

इस बीच, कुछ ऐसी खबरें भी आई हैं, जिनमें कहा गया है कि सरकार की छवि को खराब करने के लिये कुछ शरारती तत्व जानबूझकर बाजार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। आवास वित्त कंपनियों के शेयर शुक्रवार को तेजी से गिरे। नकदी संकट की आशंकाओं को देखते हुये डीएचएफएल के शेयर में 42 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। बाजार नियामक SEBI ने शुक्रवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये केवाईसी नियमों में संशोधन किया था। 

विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय पूंजी बाजारों से 15,365 करोड़ रुपये (2.1 अरब डॉलर) की निकासी की है। जबकि अगस्त और जुलाई महीने में निवेशकों ने बाजार में निवेश किया था। एफपीआई की ओर से निकासी की अहम वजह वैश्विक स्तर पर व्यापार मोर्चे पर बढ़ता तनाव और चालू खाते के घाटे की चिंता बताई जा रही है। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) बुधवार को शुद्ध रूप से बिकवाल रहे और उन्होंने 2,184.55 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,201.30 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। ​वहीं, व्यापार मोर्चे पर तनाव बढ़ने की आशंकाओं के चलते पिछले दिनों रुपये की विनिमय दर में तेज गिरावट दर्ज की गयी। हालांकि, शुक्रवार के कारोबारी दिन में डॉलर के मुकाबले रुपये 17 पैसे चढ़कर 72.20 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। 

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