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एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया बुधवार को 1 पैसा कमजोर होकर 64.34 पर खुला

बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय रुपए की शुरुआत मामूली कमजोरी के साथ हुई है। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 1 पैसा कमजोर होकर 64.34 पर खुला है।

Ankit Tyagi Ankit Tyagi
Published on: June 14, 2017 9:03 IST
एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया बुधवार को 1 पैसा कमजोर होकर 64.34 पर खुला- India TV Paisa
एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया बुधवार को 1 पैसा कमजोर होकर 64.34 पर खुला

नई दिल्ली। बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय रुपए की शुरुआत मामूली कमजोरी के साथ हुई है। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 1 पैसा कमजोर होकर 64.34 पर खुला है। वहीं, मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की बढ़त के साथ 64.33 पर बंद हुआ था। हालांकि, हफ्ते के पहले के कारोबारी सत्र में रुपए में गिरावट देखने को मिली थी। सोमवार के कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे की गिरावट के साथ 64.45 पर बंद हुआ था। यह भी पढ़े: इन कंपनियां का मुनाफा दोगुना होने से शेयर के भाव 300% बढ़े, आपके पास अब भी है मौका

महंगाई दर गिरने से रुपया हुआ मजबूत

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में वृद्धि की आशंकाओं को दूर करते हुए मंगलवार को भारतीय रुपया मजबूती के साथ बंद हुआ। दरअसल महंगाई दर घटने का फायदा रुपए को मिला। आपको बता दें कि मई महीने में देश की रीटेल महंगाई दर गिरकर रिकॉर्ड स्तर 2.18 फीसदी के स्तर पर आ गई है।यह भी पढ़े: निफ्टी 5 साल में छुएगा 30 हजार का स्तर, अब इन शेयरों में हैं कमाई का बड़ा मौका

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका कम!

मॉर्गन स्टेनली के को-सीईओ (एशिया पैसिफिक) गोकुल लरोइया ने हाल में दिए एक इंटरव्यु में कहा था कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने में सतर्कता बरतेगा और बढ़ोतरी धीरे-धीरे करेगा। इमर्जिंग मार्केट्स किसी भी प्रतिकूल बाहरी स्थिति से निपटने के लिहाज से बेहतर स्थिति में हैं।

अगर अमेरिका में बढ़ी ब्याज दरें तो अगली छमाही में गिर सकता है रुपया

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के जारी सर्वे के मुताबिक  अगर अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती है तो अगली छमाही में भारतीय रुपए पर दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं, ब्रोकरेज फर्म सिटी के मुताबिक जून में अगर ब्याज दरें बढ़ती है तो अमेरिकी डॉलर को इससे सहारा मिलेगा। लिहाजा इमर्जिंग मार्केट की करेंसी पर दबाव देखने को मिल सकता है।यह भी पढ़े: खत्म होगा सस्ती कॉल और सस्ते डेटा का दौर, टेलीकॉम कंपनियां कर रही है कीमतें बढ़ाने की तैयारी!

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