1. You Are At:
  2. India TV
  3. पैसा
  4. बाजार
  5. इन शेयरों ने 3 दिन में दिया 30 फीसदी रिटर्न, अगले 3 महीने में भाव डबल होने की उम्मीद

इन शेयरों ने 3 दिन में दिया 30 फीसदी रिटर्न, अगले 3 महीने में भाव डबल होने की उम्मीद

पिछले तीन सत्र में एचसीसी, गैमन इंडिया, ACC और सिम्प्लेक्स जैसी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के Shares 30 फीसदी तक चढ़े चुके हैं। आगे चलकर ये Shares डबल हो सकते है।

Sachin Chaturvedi Sachin Chaturvedi
Published on: September 07, 2016 12:04 IST
3 दिन में इन Shares ने दिया 30 फीसदी रिटर्न, अगले 3 महीने में भाव डबल होने की उम्मीद- India TV Paisa
3 दिन में इन Shares ने दिया 30 फीसदी रिटर्न, अगले 3 महीने में भाव डबल होने की उम्मीद

नई दिल्ली। मार्केट की इस तेजी में सबसे ज्यादा तेजी इन्फ्रा कंपनियों के Shares दिखा रहे है। पिछले तीन सत्र में एचसीसी, गैमन इंडिया, एसीसी और सिम्प्लेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के शेयर 30 फीसदी तक चढ़े चुके हैं। एक्सपर्ट्स कहते है कि इस तेजी के मुख्य कारण सरकार के उठाएं कदमों से आई है। साथ ही, सरकार की ओर से लगातार ऑर्डर इन्फलो भी तेज हो रहे है। ऐसे में अगले 3-6 महीने में इन स्टॉक्स के भाव दोगुने भी हो सकते है।

ये भी पढ़े: इंडियन इन्‍वेस्‍टर्स का प्‍यार IT सेक्‍टर के लिए अभी भी बरकरार, दोगुना रिटर्न पाकर हो रहे हैं मालामाल

तीन महीने में डबल होने की उम्मीद

  • फॉरेन ब्रोकरेज हाउस और एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले तीन महीने में एचसीसी समेत कई इन्फ्रा कंपनियों के स्टॉक्स अपने भाव से डबल हो चुके है। हालांकि जिस तरह के कदम सरकार ने उठाए है।
  • इससे कंपनियों की आय बढ़ेगी और स्टॉक्स आने वाले दिनों जोरदार तेजी दिखा सकते है यानी इस तेजी में इन स्टॉक्स में 100 फीसदी तक के रिटर्न की उम्मी है।

ये भी पढ़े: चांदी, सोने ने दिया बेहतर रिटर्न, शेयरों को पीछे छोड़ा

सरकार ने उठाया कंपनियों के लिए ये कदम

  • सरकार ने कंस्ट्रक्शन कंपनियों को आर्बिट्रेशन में फंसी 75 फीसदी रकम क्लीयर करने का फैसला किया है।
  • यह रकम उन कंपनियों को दी जाएगी जो पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के खिलाफ आर्बिट्रेशन के मामले जीत चुकी हैं। सरकार के इस कदम से सबसे अधिक फायदा एचसीसी को होने की उम्मीद है।
  • इस सेक्टर में हुए रिफॉर्म्स में यह भी शामिल है। सरकार ने आइटम रेट कॉन्ट्रैक्ट को भी खत्म कर दिया है।
  • इसका मतलब यह है कि कंस्ट्रक्शन कंपनियों को हर काम के लिए एक कोट देना होगा।
  • सबसे ज्यादा आर्बिट्रेशन के मामले इसी वजह से होते थे। रोड और कंस्ट्रक्शन सेगमेंट को पटरी पर लाने के लिए केंद्र ने कई कदम उठाए हैं।
  • इनमें हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल लागू करना भी शामिल है।
  • इसमें प्रोजेक्ट की 40 फीसदी कॉस्ट का भुगतान सरकार करती है और बाकी खर्च रोड डिवेलपर उठाता है।

किस कंपनी को मिलेगी कितनी रकम

  • एनालिस्टों के अनुमान के मुताबिक, एचसीसी के 2,250-2,550 करोड़ आर्बिट्रेशन में फंसे हुए हैं।
  • इसके बाद पटेल इंजीनियरिंग का नंबर है, जिसे 1,875 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
  • सरकार की इस पहल से गैमन इंडिया को 350-375 करोड़ और सिम्प्लेक्स इंप्रास्ट्रक्चर को 240-250 करोड़ रुपये मिलेंगे।

क्या होगा कंपनियों पर असर

  • एनालिस्टों के अनुमान से पता चलता है कि कंस्ट्रक्शन कंपनियों को सरकार से मिलनेवाली रकम से उन पर कर्ज का बोझ कम होगा और उनकी बैलेंस शीट बेहतर होगी।
  • इसका मतलब यह है कि कंस्ट्रक्शन बिजनेस के लिए डेट टु इक्विटी रेशियो काफी कम हो जाएगा।
  • इस पहल से कंस्ट्रक्शन कंपनियों की ब्याज देनदारी तो कम होगी ही, साथ ही उनके पास नए प्रोजेक्ट्स की बोली लगाने लायक भी पैसा आ जाएगा।
  • एक अनुमान के मुताबिक, सरकार के साथ आर्बिट्रेशन में करीब 70,000 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।

एक्सपर्ट्स की राय

  • मायस्टॉकरिसर्च के हेड लोकेश उप्पल का कहना है कि केंद्र ने प्रीमियम का पेमेंट पहले साल के बजाय चौथे साल से करने की भी छूट दी है। अगर प्रोजेक्ट साल भर के अंदर शुरू नहीं होता है तो उसे टर्मिनेट कर दिया जाता है।
  • रोड मेंटेनेंस का पीरियड भी कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए डबल कर दिया गया है। रिफॉर्म्स से कॉस्ट में कमी आने के साथ कैश फ्लो पर प्रेशर भी घटेगा। इससे कंस्ट्रक्शन और रोड कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज होगी।
Write a comment
bigg-boss-13
plastic-ban