1. You Are At:
  2. खबर इंडिया टीवी
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. भारत की कमजोर बैंकिंग प्रणाली को सुधरने में लगेंगे दो साल, S&P ने अपनी रिपोर्ट में किया खुलासा

भारत की कमजोर बैंकिंग प्रणाली को सुधरने में लगेंगे दो साल, S&P ने अपनी रिपोर्ट में किया खुलासा

सरकार की ओर से अतिरिक्त पूंजी मिलने और फंसे कर्जों के मोर्चे पर सुधार से देश की बैंकिंग प्रणाली प्रणाली कुछ सालों में मजबूत हो जायेगी। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एस एंड पी (S&P) ग्लोबल रेटिंग्स ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है।

Edited by: India TV Paisa Desk [Published on:31 Jul 2018, 6:38 PM IST]
S&P- India TV Paisa

S&P

नई दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त पूंजी मिलने और फंसे कर्जों के मोर्चे पर सुधार से देश की बैंकिंग प्रणाली प्रणाली कुछ सालों में मजबूत हो जायेगी। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एस एंड पी (S&P) ग्लोबल रेटिंग्स ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। एस एंड पी की ‘भारतीय बैंकों के लिये बुरा समय बीत चुका है’ नामक रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा कि अगले दो साल के दौरान बैंकों की रेटिंग कम होने के बजाय बढ़ने की ज्यादा संभावना है। लेकिन इस मामले में कमजोर जोखिम प्रबंधन और आंतरिक नियंत्रण की वजह से बैंकों में ज्यादा सुधार आने की संभावनायें सीमित हो जातीं हैं।

एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग क्रेडिट विश्लेषक गीता चुघ ने कहा कि हमारा मानना है कि भारतीय बैंकों ने गैर- निष्पादित कर्ज की पहचान की है और अब पूरी प्रणाली में कमजोर कर्ज के काफी बड़े हिस्से के कवर कर लिया गया है। ऐसी राशि कुल ऋण का 13 से 15 प्रतिशत तक है।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक भारतीय बैंकों के प्रदर्शन में मार्च 2020 को समाप्त होने वाले साल में सुधार आ जाएगा। हालांकि, इस स्थिति में देरी हो सकती है यदि कृषि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गैर-निष्पादित कर्ज की स्थिति बनती है। उदाहरण के तौर पर इस क्षेत्र में सरकार की तरफ से की जाने वाली कर्ज माफी कर्ज अनुशासन को बिगाड़ सकती है। अचल संपत्ति के बदले दिए जाने कर्ज में भी स्थिति संवेदनशील है।

एजेंसी ने कहा है कि बैंकों में फंसे कर्ज की समस्या का निपटान किए जाने और सरकार की तरफ से पूंजी डाले जाने से बैंकों का कमजोर पूंजी आधार मजबूत होगा। रिजर्व बैंक ने कर्ज के मामले में नियमों को सख्त किया है। कंपनियों का मुनाफा चढ़ा है। नए दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून के तहत गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का त्वरित निपटारा बैंकों को फंसे कर्ज के भंवर से बाहर निकालेगा।

Web Title: भारत की कमजोर बैंकिंग प्रणाली को सुधरने में लगेंगे दो साल, S&P ने अपनी रिपोर्ट में किया खुलासा
Write a comment
the-accidental-pm-300x100