1. You Are At:
  2. India TV
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. H-1B Visa: अमेरिका ने दिया बड़ा बयान, हमने तय नहीं की कोई लिमिट और फिलहाल इसकी योजना भी नहीं

H-1B Visa: अमेरिका ने दिया बड़ा बयान, हमने तय नहीं की कोई लिमिट और फिलहाल इसकी योजना भी नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्रलय की ओर से H-1B वीजा को लेकर बड़ा बयान जारी करते हुए कहा गया है कि वह उन देशों के लिए सालाना H-1B वर्क वीजा की संख्या को कम करने पर विचार नहीं कर रहा है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Updated on: June 21, 2019 14:48 IST
US State Department says No H-1B visa caps for data localisation- India TV Paisa

US State Department says No H-1B visa caps for data localisation

वाशिंगटन। अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को अमेरिकी विदेश विभाग से राहत मिली है। अमेरिका ने कहा है कि अभी एच-1बी वीजा पर कैप लगाने की उसकी कोई योजना नहीं है। यानी अमेरिका फिलहाल तो एच-1बी वीजा की संख्या पर कोई सीमा लगाने वाला नहीं है। दरअसल, खबर थी कि अमेरिका ऐसे देशों को जारी किए जाने वाले एच-1बी वीजा की संख्या पर कैप लगाने पर विचार कर रहा है, जो कंपनियों का डेटा अपने देश में ही रखने पर जोर देते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रलय की ओर से H-1B वीजा को लेकर बड़ा बयान जारी करते हुए कहा गया है कि वह उन देशों के लिए सालाना H-1B वर्क वीजा की संख्या को कम करने पर विचार नहीं कर रहा है, जो विदेशी कंपनियों को स्थानीय डेटा को स्टोर करने के लिए मजबूर करते हैं। इससे पहले खबर आई थी कि अमेरिका अलग-अलग देशों के लिए हर साल जारी किए जाने वाले H1B वीजा की संख्या को कम करने पर विचार कर रहा है, जिसमें भारतीय कंपनियों को साल में लगभग 10 से 15 फीसद कोटा ही मिलेगा। इसी मामले पर सफाई देते हुए अमेरिका ने यह बात कही है। 

ये भी पढ़ें: H-1B visa: 'अमेरिका से एच-1बी वीजा की संख्या सीमित करने को लेकर कोई जानकारी नहीं'

दरअसल, भारत सरकार ने पिछले साल पेमेंट सॉल्यूशन कंपनीज के लिए देश के नागरिकों से जुड़ी तमाम जानकारी और आंकड़ों को भारत में ही रखने को कहा है। इन जानकारियों को विदेश में नहीं देखा जा सकेगा। कुछ अमेरिकी कंपनियों ने भारत सरकार के इस कदम का विरोध किया है क्योंकि इसके लिए उन्हें अतिरिक्त निवेश करना होगा। रिपोर्ट आई थी कि भारत सरकार के इस प्रावधान से नाराज होकर अमेरिका एच-1बी वीजा की संख्या को सीमित करने पर विचार कर रहा है। यह वीजा अमेरिका में काम करने के लिए जाने वाले दूसरे देशों के पेशेवरों को दिया जाता है।

किसी खास देश को नहीं किया गया लक्षित

इसके साथ अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया कि ट्रंप प्रशासन की नीति 'बाय अमेरिकन हायर अमेरिका' के जरिये किसी भी खास देश को लक्षित नहीं किया गया है और यह भारत के साथ सीमाओं पर डेटा के मुक्त प्रवाह को सुनिश्चित करने के महत्व के बारे में हमारी चल रही चर्चाओं से पूरी तरह से अलग है। गौरतलब है कि इंडियन प्रोफेशनल्स के बीच फेमस एच-1बी वीजा अमेरिका में नौकरी के लिए जाने वाले लोगों को जारी किया जाता है। अमेरिकी तकनीकी कंपनियां हर साल भारी संख्या में भारत और चीन जैसे देशों के एच-1बी वीजा धारकों को अपने यहां नौकरी देती हैं। फिलहाल अमेरिका हर साल 85,000 लोगों को H1B वीजा देता है, जिसमें 70 प्रतिशत वीजा भारतीयों को मिलता है।

Write a comment