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टैक्स चोरों ने GST को भी नहीं छोड़ा, निकाल लिए चोरी के नए रास्ते

कई जगहों पर व्यापारी GST के बड़े टैक्स स्लैब से बचने के लिए अपना सामान रियायती टैक्स स्लैब में बेचने के रास्ते निकाल चुके हैं

Manoj Kumar [Updated:08 Jul 2017, 4:56 PM IST]
टैक्स चोरों ने GST को भी नहीं छोड़ा, निकाल लिए चोरी के नए रास्ते- India TV Paisa
टैक्स चोरों ने GST को भी नहीं छोड़ा, निकाल लिए चोरी के नए रास्ते

देश में टैक्स चोरी को रोकने के लिए सरकार ने देशभर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लागू किया है, लेकिन टैक्स चोरों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया हैं, इस तरह की खबरें आ रही हैं कि कई जगहों पर व्यापारी बड़े टैक्स स्लैब से बचने के लिए अपना सामान रियायती टैक्स स्लैब में बेचने के रास्ते निकाल चुके हैं।

अंग्रेजी समाचार पत्र इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक चेन्नई में एक व्यापारी ने महंगे जूतों पर 18 फीसदी जीएसटी से बचने के लिए जूतों की एक जोड़ी को अलग करके एक-एक जूता बेचा और दोनो जूतों का अलग बिल बनाया क्योंकि 500 रुपए से कम कीमत वाले जूतों पर सिर्फ 5 फीसदी टैक्स है।

इसी तरह एक कपड़ा दुकानदार का किस्सा भी है जिसमें उसने एक जोड़ी कपड़े के सूट में से सलवार को अलग, कमीज को अलग और दुपट्टे को अलग करके बेचा और तीनों का अलग बिल बनाया क्योंकि 1000 रुपए से कम कीमत वाले रेडिमेड कपड़ों पर 5 फीसदी जीएसटी है और 1000 रुपए से ऊपर के अपैरल्स पर 12 फीसदी जीएसटी तय किया गया है।

इस तरह की खबरें भी हैं कि ब्रांडेड बासमती चावल बेचने वाली कंपनियों ने अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन वापस लेने की तैयारी कर ली है, क्योंकि खुले आनाज पर किसी तरह का जीएसटी नहीं है जबकि ब्रांडेड अनाज, दालों, घीर, पनीर, शहद वगैरह पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया गया है।

जानकार मान रहे हैं कि जीएसटी के अलग-अलग स्लैब होने की वजह से टैक्स चोरों ऐसा करने में कामयाब हो रहे हैं, अगर सरकार सिर्फ एक ही टैक्स स्लैब निर्धारित करती तो टैक्स चोरों को परेशानी हो सकती है। सरकार ने अलग अलग सामान पर 0, 3, 5, 12,18 और 28 फीसदी जीसटी लागू किया है।

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