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यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, किसानों के लिए चलाई जा रही फसल बीमा योजनाओं में है सुधार की जरूरत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों की मदद के लिए चलाई जा रही फसल बीमा योजनाओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग फसलों के प्रीमियम निर्धारण को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।

Manish Mishra Manish Mishra
Published on: June 05, 2018 16:31 IST
Yogi Adityanath- India TV Paisa

Yogi Adityanath

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों की मदद के लिए चलाई जा रही फसल बीमा योजनाओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग फसलों के प्रीमियम निर्धारण को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए इस योजना के तहत बीमा कवर देने वाली कंपनियों के कार्यालय जनपद स्तर पर स्थापित किये जाएं, जहां लैंडलाइन टेलीफोन सुविधा उपलब्ध हो। साथ ही, किसानों की मदद के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित किया जाए।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह बातें सोमवार शाम यहां शास्त्री भवन में आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों के हितों के अनुरूप सुधार की आवश्यकता पड़ने पर केंद्र से अनुरोध किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत सेवा प्रदाता बीमा कंपनियां अपनी योजनाओं और सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। इनके सम्बन्ध में ब्लॉक स्तर पर कृषक गोष्ठियां भी आयोजित की जाएं और उनमें कृषकों को योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। इन गोष्ठियों में संबंधित फसल बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि कृषकों को जानकारी देने के लिए मौजूद रहें।

प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान ऋण नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी फसल बीमा करवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कृषि में अभिनव प्रयोगों जैसे-आर्गेनिक खेती, उत्पादकता बढ़ाने तथा फसल को कीटों और रोगों से बचाने के लिए गौमूत्र के प्रयोग तथा गोबर की खाद के उपयोग की बात कही।

प्रवक्ता के मुताबिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से फसल की क्षति की स्थिति में कृषकों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके तहत खरीफ तथा रबी की फसलें बीमित हैं। फसली ऋण लेने वाले कृषक अनिवार्य रूप से इस योजना में कवर किये जाते हैं।

प्रमुख सचिव ने बताया कि खरीफ मौसम 2016 के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 35.84 लाख किसान बीमित थे, जबकि खरीफ 2017 के दौरान 25.56 लाख कृषक बीमा योजना के दायरे में थे। इसी प्रकार रबी 2016-17 के दौरान 29.81 लाख किसान बीमित थे, जबकि रबी 2017-18 के दौरान यह संख्या 28.01 लाख किसान रह गई।

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