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सरकार का कर संग्रह लक्ष्य से काफी पीछे, अप्रैल-सितंबर में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि

सरकार का कर संग्रह उसके तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से 17 सितंबर की अवधि में सरकार का प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.7 प्रतिशत बढ़कर 5.50 लाख करोड़ रुपए रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 5.25 लाख करोड़ रुपए रहा था।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: September 19, 2019 10:23 IST
Tax collection- India TV Paisa

Tax collection

मुंबई। सरकार का कर संग्रह उसके तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से 17 सितंबर की अवधि में सरकार का प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.7 प्रतिशत बढ़कर 5.50 लाख करोड़ रुपए रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 5.25 लाख करोड़ रुपए रहा था। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिये सरकार ने कर संग्रह में 17.5 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

कर संग्रह उम्मीद से कम रहने की वजह मांग में गिरावट और कुल वृद्धि में कमी है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर पांच प्रतिशत पर आ गई है जो इसका छह साल का निचला स्तर है। 

कर विभाग के सूत्रों ने बताया कि 5.50 लाख करोड़ रुपए के कर संग्रह में से अग्रिम कर संग्रह 7.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.20 लाख करोड़ रुपए रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 2.05 लाख करोड़ रुपए रहा था। 

उल्लेखनीय है कि बजट में पूरे वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह में 17.5 प्रतिशत और अप्रत्यक्ष कर के लिए 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। एक वरिष्ठ कर अधिकारी ने कहा, आज की तारीख तक कुल कर संग्रह 5.5 लाख करोड़ रुपये रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 5.25 लाख करोड़ रुपये था। शुद्ध कर संग्रह 4.5 लाख करोड़ रुपये रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4.25 लाख करोड़ रुपए रहा था। इस दौरान सरकार का राजकोषीय घाटा उसके पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 77 प्रतिशत से आगे निकल चुका है। जुलाई में यह 5,47,605 करोड़ रुपए पर पहुंच गया जबकि पूरे वर्ष के लिये बजट में 7,03,760 करोड़ रुपए रखा गया है। 

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