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डायरेक्‍ट टैक्‍स कानून पर बनी टास्‍क फोर्स ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, MAT व DDT खत्‍म करने की सिफारिश

टास्कफोर्स ने इस रिपोर्ट में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: August 19, 2019 18:57 IST
Task force on Direct Tax Code submits report to FM- India TV Paisa
Photo:TASK FORCE ON DIRECT TAX

Task force on Direct Tax Code submits report to FM

नई दिल्‍ली। सीबीडीटी के सदस्य अखिलेश रंजन की अध्यक्षता वाले टास्‍कफोर्स ने नए डायरेक्‍ट टैक्‍स कानून पर अपनी रिपोर्ट सोमवार को सरकार को सौंप दी है। यह ड्रॉफ्ट कानून मौजूदा आयकर कानून का स्थान लेगा। हालांकि, रिपोर्ट से जुड़े विवरणों की जानकारी अभी नहीं मिली है।

सूत्रों के मुताबिक 21 महीने में कुल 89 बैठकों के बाद टास्कफोर्स ने ये रिपोर्ट तैयार की है। टास्कफोर्स ने इस रिपोर्ट में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है। बता दें कि जब कंपनियां डिविडेंड देती हैं तो उस पर 15 प्रतिशत डीडीटी लगता है। डीडीटी के ऊपर 12 प्रतिशत सरचार्ज और 3 प्रतिशत एजुकेशन सेस लगता है। इस तरह कुल मिलाकर डीडीटी की प्रभावी दर 20.35 प्रतिशत हो जाती है।

टास्कफोर्स ने मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स (MAT) को भी पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है। अभी कंपनी के मुनाफे पर 18.5 प्रतिशत मैट लगता है। आयकर कानून की धारा 115जेबी के तहत मैट लगता है।

टास्कफोर्स ने सभी के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 25 प्रतिशत करने की सिफारिश की है। टास्कफोर्स ने इनकम टैक्स की दरों और स्लैब में बड़े बदलाव की भी सिफारिश की है और आयरकदाताओं की फेसलेस स्क्रूटनी के लिए जरूरी उपाय सुझाए हैं।

टास्क फोर्स का खास जोर टैक्स विवादों के जल्द निपटारे पर है। इस रिपोर्ट में जीएसटी, कस्टम, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट औऱ इनकम टैक्स के बीच जानकारी के लेनदेन की खास व्यवस्था की सिफारिश भी की गई है।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में कहा कि नए डायरेक्‍ट टैक्‍स कानून का मसौदा तैयार करने के लिए सरकार की ओर से गठित कार्यबल के संयोजक अखिलेश रंजन ने वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण को सोमवार को रिपोर्ट सौंप दी है। कार्यबल को अपनी रिपोर्ट 31 मई तक जमा करनी थी लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने काम पूरा करने के लिए कार्यबल को दो महीने का और समय दिया था।

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