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सहारा को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, एंबी वैली की नीलामी रोकने से किया इनकार

सहारा समूह को कोई राहत न देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज पुणे स्थित लग्‍जरी रेसिडेंशियल प्रोजेक्‍ट एंबी वैली की नीलामी पर स्‍टे देने से इनकार कर दिया।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Updated on: August 10, 2017 17:47 IST
सहारा को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, एंबी वैली की नीलामी रोकने से किया इनकार- India TV Paisa
सहारा को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, एंबी वैली की नीलामी रोकने से किया इनकार

नई दिल्ली। सुब्रत रॉय के नेतृत्‍व वाले सहारा समूह  को कोई राहत न देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज पुणे स्थित लग्‍जरी रेसिडेंशियल प्रोजेक्‍ट एंबी वैली की नीलामी पर स्‍टे देने से इनकार कर दिया। सहारा समूह ने एंबी वैली की नीलामी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को याचिका दी थी। इसके अलावा समूह ने सहारा की भुगतान योजना के लिए और समय देने की मांग भी की थी।

सुनवाई के दौरान सहारा के वकील कपिल सिब्‍बल ने कहा कि एंबी वैली की नीलामी को सितंबर तक रोक देना चाहिए ताकि उनके क्‍लाइंट सेबी-सहारा एकाउंट में जमा करने के लिए 1500 करोड़ रुपए का इंतजाम कर सकें। शीर्ष कोर्ट द्वारा स्‍टे देने से इनकार करने के बाद एंबी वैली के लिए नीलामी नोटिस अब 14 अगस्‍त को जारी किया जाएगा।

25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय से 1,500 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था, जो कि उनकी दो समूह कंपनियों द्वारा निवेशकों से उगाहे गए 24,000 करोड़ रुपए का किस्‍तों में भुगतान था। अदालत ने रॉय को सात सितंबर तक 1,500 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था और बाकी की रकम का भुगतान 18 महीनों में करने के लिए एक ठोस योजना पेश करने का आदेश दिया था।

बंबई हाई कोर्ट के आधिकारिक परिसमापक द्वारा एंबी वैली की नीलामी के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए सभी नियमों और शर्तों को मंजूरी देते हुए कोर्ट ने कहा था कि अगर सहारा सात सितंबर तक 1,500 करोड़ रुपए का भुगतान करती है और आगे के भुगतान की योजना प्रस्तुत करती है तो एंबी वैली की नीलामी को स्थगित किया जा सकता है। हालांकि, यह भुगतान पर निर्भर है। अदालत ने कहा था कि इस रकम में रॉय द्वारा अंतिम किस्‍त में भुगतान नहीं किए गए 305 करोड़ रुपए की शेष राशि भी शामिल है, जिसे 15 जून तक जमा करना था।

सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 2007 और 2008 में वैकल्पिक रूप से पूरी तरह से परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से 24,000 करोड़ रुपए आम निवेशकों से जुटाए थे। शीर्ष कोर्ट ने 2012 के 31 अगस्त को दिए आदेश में सहारा को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ निवेशकों को यह रकम लौटाने का आदेश दिया था। कोर्ट समूह से किस्‍तों में पैसे वसूल कर रही है। सहारा ने अब तक 16,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।

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