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स्‍टार्टअप्‍स को सरकार ने दी बड़ी राहत, 10 करोड़ रुपए तक के निवेश पर मिलेगी इनकम टैक्‍स से छूट

देश में उभरते उद्यमियों को राहत पहुंचाने और स्‍टार्टअप्‍स ईकोसिस्‍टम को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने आज स्‍टार्टअप्‍स को इनकम टैक्‍स से छूट देने की घोषणा की है। सरकार ने कुल निवेश के 10 करोड़ रुपए से अधिक न होने की स्थिति में टैक्‍स से छूट देने की आज मंजूरी दे दी।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Published on: April 12, 2018 16:47 IST
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नई दिल्ली। देश में उभरते उद्यमियों को राहत पहुंचाने और स्‍टार्टअप्‍स ईकोसिस्‍टम को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने आज स्‍टार्टअप्‍स को इनकम टैक्‍स से छूट देने की घोषणा की है। सरकार ने कुल निवेश के 10 करोड़ रुपए से अधिक न होने की स्थिति में टैक्‍स से छूट देने की आज मंजूरी दे दी। निवेश की राशि में एंजल निवेशक से जुटाई गई राशि भी शामिल है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार किसी स्टार्टअप में हिस्सेदारी खरीदने वाले एंजल निवेशक का न्यूनतम नेटवर्थ दो करोड़ रुपए होना चाहिए या पिछले तीन वित्त वर्ष में 25 लाख रुपए से अधिक की आय होनी चाहिए। 

मंत्रालय ने बयान में कहा है कि इस अधिसूचना के द्वारा किए गए सुधारों से स्टार्टअप को आसानी से वित्तपोषण उपलब्ध हो सकेगा, जिससे नए कारोबार की शुरुआत कर पाना, स्टार्टअप ईकोसिस्‍टम को बढ़ावा देना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और रोजगार सृजन को तेज करना सुनिश्चित हो सकेगा।  मंत्रालय ने कहा कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने गजट अधिसूचना जारी की है और आयकर अधिनियम 1961 के तहत उक्त छूट का दावा करने वाले स्टार्टअप के आवेदनों पर विचार करने के लिए वह मंत्रिस्तरीय समिति बना रहा है।

बहुत से स्‍टार्टअप्‍स ने इनकम टैक्‍स की धारा 56 के तहत एंजल फंड्स पर लगने वाले टैक्‍स पर अपनी चिंता जताई थी, जिसके तहत एक इकाई द्वारा प्राप्‍त किए जाने वाले धन पर टैक्‍स देनदारी बनती है। टैक्‍स विभाग ने 18 स्‍टार्टअप्‍स को इस संबंध में नोटिस जारी किए हैं।

स्‍टार्टअप्‍स को लगातार सात आकलन वर्षों में से तीन साल तक इनकम टैक्‍स लाभ भी मिलेगा। छूट हासिल करने के लिए स्‍टार्टअप्‍स को आठ सदस्‍यीय अंतर मंत्रालयीन बोर्ड के पास आवेदन करना होगा। एक अप्रैल 2016 के बाद प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनशिप के रूप में स्‍थापित स्‍टार्टअप ही टैक्‍स छूट पाने के पात्र होंगे। मंत्रालय ने कहा है कि यह संशोधन स्‍टार्टअप्‍स की प्रमुख मांगों को देखते हुए किए गए हैं।

एंजल इन्‍वेस्‍टर वह होता है जो स्‍टार्टअप को तब धन उपलब्‍ध कराता है जब वह प्रतिस्‍पर्धी बाजार में अपने आप को स्‍थापित करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठा रहा होता है। सामान्‍य तौर पर 300-400 स्‍टार्टअप्‍स एक साल में एंजल फंडिंग जुटाते हैं। सरकार ने 8,765 स्‍टार्टअप्‍स में से जनवरी 2016 तक केवल 88 स्‍टार्टअप्‍स को ही टैक्‍स छूट का लाभ दिया है। सरकार ने स्‍टार्टअप इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत 16 जनवरी, 2016 को की थी।    

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