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PNB और गीतांजलि जेम्स के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर विचार करेगा Sebi, पिछले हफ्ते PNB को दी थी चेतावनी

बाजार नियामक सेबी (Sebi) 14,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और गीतांजलि जेम्स के खिलाफ संदिग्ध कारोबार तथा खुलासा संबंधित मुद्दों की जांच पूरी करने के बाद दंडात्मक कार्रवाई पर विचार करेगा।

Manish Mishra Manish Mishra
Published on: May 20, 2018 13:59 IST
Sebi to consider penal action against PNB and Gitanjali Gems- India TV Paisa

Sebi to consider penal action against PNB and Gitanjali Gems

नई दिल्ली बाजार नियामक सेबी (Sebi) 14,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और गीतांजलि जेम्स के खिलाफ संदिग्ध कारोबार तथा खुलासा संबंधित मुद्दों की जांच पूरी करने के बाद दंडात्मक कार्रवाई पर विचार करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बाजार नियामक ने धोखाधड़ी वाले लेन-देन के बारे में शेयर बाजारों को जानकारी देने में देरी को लेकर पिछले सप्ताह PNB को चेतावनी पत्र जारी किया था। इस धोखाधड़ी को फरार चल रहे नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप आफ कंपनीज ने अंजाम दिया। अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और दंडात्मक कार्रवाई जांच पर निर्भर करेगा।

हीरा कारोबारी नीरव मोदी तथा उसके सहयोगियों ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर गारंटी पत्र (LoU) तथा विदेशी साख पत्र (LOC) का गलत उपयोग कर PNB के साथ धोखाधड़ी की।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Sebi) और शेयर बाजार नीरव तथा गीतांजलित जेम्स के मुख्य प्रवर्तक मेहुल चोकसी से संबद्ध सभी इकाइयों के शेयर बाजार कारोबार का विश्लेषण कर रहे हैं। चोकसी ब्रोकरेज चूक समेत विभिन्न मामलों में पहले से जांच के घेरे में हैं।

उल्लेखनीय है कि जुलाई 2013 में नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने सेबी के साथ मिलकर गीतांजलि जेम्स तथा चोकसी समेत अन्य को अपनी कंपनी में कारोबार को लेकर नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रतिभूति बाजार में कारोबार से प्रतिबंधित कर दिया था। दोनों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय तथा सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) जांच कर रही है।

सेबी के चेतावनी पत्र के तहत पीएनबी ने रिजर्व बैंक तथा सीबीआई के पास की गयी शिकायत के बारे में शेयर बाजारों को जानकारी देने में 1 से 6 दिन की देरी की। शेयर बाजारों को सूचना देने में देरी सूचीबद्धता नियमन का उल्लंघन है। इन नियमों के तहत कंपनियों को कीमत से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं के बारे में शेयर बाजारों को सूचित करने की जरूरत होती है।

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