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एरिक्‍सन की याचिका NCLT में स्‍वीकार्य होने के बाद आरकॉम के शेयर लुढ़के, बिनानी लौटाएगी कर्जदाताओं का पैसा

रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) और उसकी दो अनुषंगी कंपनियों के खिलाफ एरिक्सन की दिवालिया कंपनी कानून के तहत दायर याचिका राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में स्‍वीकार्य किए जाने के एक दिन बाद आरकॉम का शेयर 20.5 प्रतिशत टूट गया।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: May 16, 2018 18:29 IST
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नई दिल्ली। रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) और उसकी दो अनुषंगी कंपनियों के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ( एनसीएलटी ) द्वारा एरिक्सन की याचिका स्‍वीकार किए जाने के एक दिन बाद आज आरकॉम का शेयर 16 प्रतिशत टूट गया। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 15.26 प्रतिशत के नुकसान से 10.55 रुपए पर आ गया। कारोबार के दौरान एक समय यह 20 प्रतिशत के नुकसान से 9.95 रुपए तक आ गया था। 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 15.72 प्रतिशत के नुकसान से 10.45 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 525.36 करोड़ रुपए घटकर 2,917.64 करोड़ रुपए रह गया। 

बीएसई पर दोपहर के कारोबार में समूह की अन्य कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग के शेयर 6.23 प्रतिशत, रिलायंस निप्पॉन लाइफ एसेट मैनेजमेंट के शेयर 2.70 प्रतिशत, रिलायंस पावर के शेयर 1.19 प्रतिशत और रिलायंस कैपिटल के शेयर 1 प्रतिशत तक गिर गए। एनसीएलटी ने स्वीडन की कंपनी एरिक्सन की ओर से पेश दिवाला शोधन याचिका दाखिल कर ली। कंपनी ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली आरकॉम व उसकी दो अनुषंगी कंपनियों से 1,150 करोड़ रुपए का बकाया दिलाने की मांग की है। 

बिनानी इंडस्ट्रीज ने कर्जदाताओं के 100 प्रतिशत दावों के भुगतान की पेशकश की

बिनानी इंडस्ट्रीज ने कर्ज की मार झेल रही बिनानी सीमेंट को बचाने के लिए कर्जदाताओं के 100 प्रतिशत दावों के निपटारे की पेशकश की है। बिनानी सीमेंट में उसके पास 98.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष दाखिल याचिका में कहा कि इस पेशकश से सभी वित्तीय कर्जदाताओं, कारोबारी कर्जदाताओं और अन्य के बकाया का भुगतान दो सप्ताह के भीतर हो जाएगा। 

बिनानी इंडस्ट्रीज के वकील ने कहा कि कर्जदाताओं के दावों का निपटारा करने से कंपनी दिवाला शोधन कार्यवाही से बाहर आ जाएगी। एनसीएलएटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की पीठ ने कर्जदाताओं (सीओसी) की समिति, समाधान पेशेवर को अपना जवाब पांच दिन में देने के लिए कहा है। पीठ ने डालमिया भारत समूह की अनुषंगी कंपनी राजपूताना प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को भी इस मामले में सुनवाई के लिए हस्तक्षेप अर्जी दाखिल करने को कहा है। न्यायाधिकरण ने इस मामले पर अगली सुनवाई 22 मई को तय की है। 

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