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RBI ने पूंजी बफर नियमों को एक साल के लिए टाला, बैंकों के हाथ में आए 37,000 करोड़ रुपए

इस कदम से बैंकों की कर्ज देने की क्षमता में 3.50 लाख करोड़ रुपए तक वृद्धि होगी

Edited by: India TV Paisa Desk [Published on:10 Jan 2019, 11:39 PM IST]
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Photo:RBI

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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को बैंकों में पूंजी सुरक्षा बफर (सीसीबी) की आखिरी किस्त पर अमल करने की समयसीमा को एक साल के लिए बढ़ा दिया। आरबीआई के इस कदम से बैंकों के पास 37,000 करोड़ रुपए की पूंजी उपलब्ध होगी। 

इस कदम से बैंकों की कर्ज देने की क्षमता में 3.50 लाख करोड़ रुपए तक वृद्धि होगी। आरबीआई ने अधिसूचना में कहा कि उसने सीसीबी की 0.625 प्रतिशत की आखिरी किस्त को लागू करने की समयसीमा को 31 मार्च 2019 से बढ़ाकर 31 मार्च 2020 करने का फैसला किया है।

इस प्रकार, पूंजी संरक्षण का न्यूनतम अनुपात 2.5 प्रतिशत अब 31 मार्च, 2020 से लागू होगा। वर्तमान में बैंकों का सीसीबी मुख्य पूंजी का 1.875 प्रतिशत है। सीसीबी पूंजी बफर है, जिसे बैंकों को सामान्य समय में जमा करना पड़ता है ताकि संकट की अवधि के दौरान नुकसान की भरपाई के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके। इसे 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों का सामना करने के लिए बैंकों की क्षमता में सुधार के लिए पेश किया गया था। 

सीसीबी की आखिरी किस्त पर अमल को टालने का फैसला आरबीआई की 19 नवंबर को हुई केंद्रीय बोर्ड की बैठक में लिया गया था। हालांकि, बोर्ड ने पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) को 9 प्रतिशत पर बरकरार रखा था। 

Web Title: RBI defers capital buffer norms by a year; leaves Rs 37,000 cr in hands of banks | RBI ने पूंजी बफर नियमों को एक साल के लिए टाला, बैंकों के हाथ में आए 37,000 करोड़ रुपए
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