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पाकिस्‍तान फरवरी 2020 तक रहेगा FATF की ग्रे लिस्‍ट में, आतंकवादियों को बैंकिंग सुविधा की छूट देने की मिली सजा

पाकिस्तान यदि संदिग्धों की सूची में बना रहा तो उसे मुद्राकोष, विश्वबैंक और यूरोपीय यूनियन आदि से वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल हो जाएगा।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: October 16, 2019 19:10 IST
Pakistan to remain in FATF's Grey List till Feb 2020- India TV Paisa
Photo:PAKISTAN FATF

Pakistan to remain in FATF's Grey List till Feb 2020

इस्लामाबाद। बहुपक्षीय वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को मनी लॉन्ड्रिंग  और आतंकवादियों के वित्त पोषण के मुद्दे पर फरवरी 2020 तक संदिग्ध देशों की सूची में बनाए रखने का निर्णय किया है। पाकिस्तान को इस अविध में इस दिशा में ठोस प्रगति करने का निर्देश दिया गया है। समझा जाता है कि पेरिस में एफएटीएफ की बैठक में चीन, तुर्की और मलेशिया-तीन देशों के समर्थन के चलते पाकिस्तान काली सूची में रखे जाने से फिलहाल बच गया है।

एफएटीएफ ने पाकिस्तान सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस अवधि में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों को बैंकिंग सेवाओं के उपयोग को पूरी तरह से रोकने के पुख्ता इंतजाम करे। एफएटीएफ का गठन 1989 में किया गया था ताकि वैश्विक बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता को बचाए रखा जा सके।

पाकिस्तान के डॉन अखबार के मुताबिक मंगलवार को पेरिस में हुई इसकी ताजा बैठक में इस मामले में पाकिस्तान की ओर से किए गए उपायों की समीक्षा की गई। अखबार ने कहा कि पेरिस स्थित इस संगठन ने पाकिस्तान को आतंकवादियों के वित्त पोषणा तथा मनी लॉन्ड्रिंग  को रोकने के लिए अभी और भी उपाय करने का निर्देश दिया है ताकि इन पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।

एफएटीएफ पाकिस्तान के बारे में अंतिम निर्णय फरवरी 2020 में लेगा। इस बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता उमर हमीद खान ने इस आशय के समाचारों को खारिज किया है।  उन्होंने कहा कि यह खबर सही नहीं है, 18 अक्टूबर से पहले इस बारे में ठोस रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अज़हर ने इससे पहले एफएटीएफ की बैठक में इस मंच की ओर से सुझाए गए उपायों पर अपने देश की स्थिति स्पष्ट की।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 27 में से 20 मुद्दों पर प्रगति की है। डॉन अखबार ने कहा है कि बैठक में चीन, तुर्की और मलेशिया ने इस दिशा में पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। इस मंच पर कम से कम 3 देशों के समर्थन से कोई देश एफटीए की काली सूची में रखे जाने से बच सकता है। इस बैठक में 205 देशों के प्रतिनिधियों के अलावा अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्वबैंक और संयुक्तराष्ट्र के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। पाकिस्तान यदि संदिग्धों की सूची में बना रहा तो उसे मुद्राकोष, विश्वबैंक और यूरोपीय यूनियन आदि से वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल हो जाएगा।

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