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धान बुवाई का रकबा 383.34 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में सबसे ज्‍यादा बढ़ोत्‍तरी

खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान बुवाई का रकबा खरीफ सत्र 2018-19 में अब तक 2.27 प्रतिशत बढ़कर 383.34 लाख हेक्टेयर हो गया।

Written by: India TV Paisa Desk [Published on:15 Sep 2018, 2:32 PM IST]
paddy farming - India TV Paisa
Photo:PTI

paddy farming 

नई दिल्ली। खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान बुवाई का रकबा खरीफ सत्र 2018-19 में अब तक 2.27 प्रतिशत बढ़कर 383.34 लाख हेक्टेयर हो गया। कृषि मंत्रालय के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में धान बुवाई का रकबा बढ़ने से यह वृद्धि हुई है। पिछले साल की इसी अवधि में धान बुवाई का क्षेत्रफल 374.81 लाख हेक्टेयर रहा था। खरीफ बुवाई जून में दक्षिणपश्चिम मानसून आरंभ होने के साथ शुरू होती है और कटाई अक्टूबर में होती है।

बुवाई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा एवं अन्य जगहों पर धान खेती का रकबा बढ़ा है। चालू खरीफ सत्र में तिलहन बुवाई का रकबा अब तक 177.99 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 171.98 लाख हेक्टेयर था। राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार सहित अन्य जगहों पर बुवाई का रकबा बढ़ा है। 

हालांकि, चालू सत्र में अभी तक 137.41 लाख हेक्टेयर रकबे में दालों की बुवाई की गई है जो पिछले साल के समान सत्र में 138.60 लाख हेक्टेयर की गई थी। मोटे अनाज की बुवाई पहले के 182.23 लाख हेक्टेयर के मुकाबले कम यानी 175.46 लाख हेक्टेयर में ही की गई है। नकदी फसलों में, चालू सत्र में अभी तक 120.56 लाख हेक्टेयर में कपास बोया गया था, जो पिछले साल की समान अवधि के 120.98 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है। 

गन्ना को पहले के 49.96 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 51.94 लाख हेक्टेयर में बोया गया है जबकि जूट: मेस्ता की बुवाई पहले के 7.09 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस बार 7.02 लाख हेक्टेयर में की गई है। आंकड़ों से पता चला है कि चालू खरीफ सत्र में अब तक सभी खरीफ फसल की बुवाई 1,053.03 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो पिछले साल की समान अवधि में 1045.55 लाख हेक्टेयर में की गई थी।

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