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भारत के लिए फादेमंद हो सकता है व्यापार युद्ध, वित्त मंत्री ने कहा देश को व्यापारिक-विनिर्माण केंद्र बनने में मिल सकती है मदद

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे देश को बड़ा विनिर्माण और व्यापारिक केंद्र बनाने में मदद मिल सकती है

Edited by: Manoj Kumar [Published on:28 Sep 2018, 2:31 PM IST]
Opportunities for India in escalating global trade war says Finance Minister- India TV Paisa

Opportunities for India in escalating global trade war says Finance Minister

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान में जारी वैश्विक व्यापार युद्ध शुरुआत में अस्थिरता जरूर पैदा कर सकता है, लेकिन इससे भारत के लिए कई अवसर खुल सकते हैं, उन्होंने कहा कि इससे देश को बड़ा विनिर्माण और व्यापारिक केंद्र बनाने में मदद मिल सकती है। जेटली ने व्यापारियों से आग्रह किया कि उन्हें साफ-सुथरी और नैतिक व्यापारिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। उन्हें अपने हिस्से का कर चुकाना चाहिए क्योंकि शोधन अक्षमता एवं संहिता (IBC) ने रातों-रात छूमंतर हो जाने वाले व्यापारियों की दुकान पर ताला लगा दिया है। 

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि कुछ वैश्विक घटनाएं भारत पर विपरीत प्रभाव डालती हैं, लेकिन यही देश के सामने तेजी से आगे बढ़ने के कई रास्ते भी खोलेगी। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में जेटली ने कहा कि व्यापार युद्ध ने शुरुआत में अस्थिरता पैदा की, लेकिन उन्होंने कई नए बाजारों को खोला। यह भारत के सामने एक बड़ा व्यापारिक और विनिर्माण केंद्र बनने का रास्ता खोलेगा। इसलिए हमें स्थिति को बहुत नजदीक से देखना होता है। पता नहीं कि चुनौती कब मौका बन जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे मौजूदा व्यापार युद्ध से भारत में बनने वाली मशीनों, इलेक्ट्रिक उपकरणों, वाहनों एवं कलपुर्जों, रसायन, प्लास्टिक एवं रबर उत्पादों को अमेरिकी बाजार में नयी पहचान मिल सकती है। जेटली ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को भी अर्थव्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती बताया, क्योंकि कच्चे तेल के लिए भारत लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर है और अपनी जरूरत का 81% आयात करता है। 

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें बढ़ने से घरेलू स्तर पर ईंधन भी महंगा हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले पांच सप्ताह में मानक ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 71 डॉलर से बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बने रहने के बावजूद, उन्हें विश्वास है कि आने वाले दिन और साल वृद्धि के लिहाज से भारत के लिए बेहतर अवसर लाएंगे।

व्यापारियों से नैतिक व्यापारिक गतिविधियों को अपनाने का आग्रह करते हुए जेटली ने कहा कि IBC ने रातोंरात छूमंतर हो जाने वालों की दुकान पर ताला लगा दिया है, और यदि वह नैतिक कारोबारी गतिविधियों को अपनाते हैं तो यह उन्हें कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। जेटली ने कहा कि मुक्त व्यापार ने कारोबार की नैतिकता पर भी जोर दिया है। जिन लोगों को कर चुकाना चाहिए, उन्हें इसे चुकाते रहना चाहिए। कर नहीं चुकाने वालों का बोझ करदाताओं पर नहीं डालना चाहिए। इसलिए सबसे प्रमुख नैतिक कार्यों में से एक यह होगा कि जो लोग कर दायरे के बाहर हैं, उन्हें कर के दायरे में लाया जाए।

उन्होंने कहा कि IBC ने भारतीय कारोबार पर एक और नैतिक जिम्मेदारी डाली है कि यदि वह बैंक से कर्ज लेते हैं तो उन्हें इसे चुकाना होगा। ऐसा नहीं हो सकता है कि कारोबारियों को ऋण देने के बाद कर्ज देने वाला रातों को चैन से सो भी ना सके

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