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नीति आयोग ने जारी की नई रणनीति, 2030 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाना है उद्देश्‍य

नीति आयोग ने देश की आर्थिक वृद्धि दर को बढ़ाकर 8-9 प्रतिशत करने तथा 2030 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के इरादे से बुधवार को बहुप्रतीक्षित नए भारत के लिए रणनीति@75 दस्तावेज जारी किया।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: December 19, 2018 22:00 IST
niti aayog- India TV Paisa
Photo:NITI AAYOG

niti aayog

नई दिल्ली। नीति आयोग ने देश की आर्थिक वृद्धि दर को बढ़ाकर 8-9 प्रतिशत करने तथा 2030 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के इरादे से बुधवार को बहुप्रतीक्षित नए भारत के लिए रणनीति@75 दस्तावेज जारी किया। देश के चहुंमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति पेश करते हुए दस्तावेज में कहा गया है कि पर्याप्त वृद्धि सृजित करने तथा सभी के लिए समृद्धि हासिल करने को लेकर 2022-23 तक 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर जरूरी है। पंद्रह अगस्त 2022 को भारत की आजादी के 75 साल हो जाएंगे।

दस्तावेज जारी करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ठोस और मजबूत नीति अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाती है और यह अंतत: उन्हें गरीबी से निकालकर बेहतर जीवन प्रदान करती है। विकास रणनीति में किसानों की आय दोगुनी करना, मेक इन इंडिया को गति देना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा नवप्रवर्तन माहौल का उन्नयन तथा फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) तथा पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देना शामिल हैं। 

दस्तावेज में कहा गया है कि 2018-23 के दौरान 8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य हासिल करने के लिए  सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर को निरंतर गति देना होगा। इससे वास्तविक आधार पर अर्थव्यवस्था का आकार 2017-18 के 2700 अरब डॉलर से बढ़कर 2022-23 तक 4,000 अरब डॉलर का हो जाएगा।  

दस्तावेज में सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) द्वारा आंके जाने वाली निवेश दर को भी मौजूदा 29 प्रतिशत से बढ़ाकर 2022 तक 36 प्रतिशत करने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि देश अब आर्थिक संक्रमण के दौर को पूरा करने के करीब है और इसके साथ प्रति व्यक्ति आय 2022-23 में बढ़कर 3,000 डॉलर हो जाएगी जो 2017-18 में 1,900 डॉलर थी।

दस्तावेज में अधिकतम रोजगार सृजित करने, श्रम कानूनों को संहिता रूप देने तथा एप्रेन्टिसशिप को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही इसमें देश भर में 1,50,000 स्वास्थ्य केंद्र खोलने के साथ आयुष्मान भारत के सफल क्रियान्वयन की भी वकालत की गई है। यह दस्तावेज सरकार (केंद्र, राज्य तथा जिला स्तर पर) के भीतर 800 से अधिक पक्षों तथा विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें कुल 41 अध्याय हैं। इसे चार खंडों ड्राइवर्स, बुनियादी ढांचा, समावेश तथा राजकाज में बांटा गया है। 

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