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टैक्‍स के मोर्चे पर बड़ी सफलता, अप्रैल से दिसंबर के बीच 14.1 प्रतिशत बढ़ा प्रत्यक्ष कर संग्रह

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर की अवधि में प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.10 प्रतिशत बढ़कर 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा।

Written by: IndiaTV Hindi Desk [Updated:07 Jan 2019, 3:47 PM IST]
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चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर की अवधि में प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.10 प्रतिशत बढ़कर 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस दौरान आयकर विभाग ने 1.30 लाख करोड़ रुपये का रिफंड किया। यह रिफंड पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से 17 प्रतिशत ज्यादा है। इस अवधि के दौरान अग्रिम कर संग्रह भी पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14.50 प्रतिशत बढ़कर 3.64 लाख करोड़ रुपये रहा। 

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दिसंबर 2018 तक प्रत्यक्ष कर संग्रह के शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.10 प्रतिशत अधिक हो कर 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा है।’’ रिफंड के समायोजन के बाद शुद्ध कर संग्रह 13.60 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7.43 लाख करोड़ रुपये रहा है। चालू वित्त वर्ष के बजट में 11.50 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह से अभी तक बजट लक्ष्य की 64.70 प्रतिशत कर प्राप्ति हुई है। 

कॉरपोरेट कर की सकल प्राप्तियों में 14.8 प्रतिशत तथा व्यक्तिगत आयकर की सकल प्राप्तियों में 17.2 प्रतिशत की वृद्धि रही है। रिफंड के बाद कॉरपोरेट करों के संग्रह में 16 प्रतिशत की तथा व्यक्तिगत आयकर संग्रह में 14.8 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह जिक्र किया जाना जरूरी है कि पिछले वित्त वर्ष के कर संग्रह में आय खुलासा योजना के तहत प्राप्त अतिरिक्त राशि भी शामिल थी जो कि इस बार नहीं है।’’ आलोच्य अवधि के दौरान अग्रिम कॉरपोरेट करों में 12.5 प्रतिशत तथा अग्रिम व्यक्तिगत आयकर प्राप्तियों में 23.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 

Web Title: Net direct tax collections up 13.6% to Rs 7.43 lakh crore in April-December cbdt | टैक्‍स के मोर्चे पर बड़ी सफलता, अप्रैल से दिसंबर के बीच 14.1 प्रतिशत बढ़ा प्रत्यक्ष कर संग्रह
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