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1 सितंबर 2019 से बदल जाएंगे ये सब नियम, कहीं होगा फायदा तो कहीं होगा नुकसान, देखिए लिस्ट

एक सितंबर 2019 यानी रविवार से देश में कई नियम बदल जाएंगे। जिसका सीधा असर हमारी जेब पर पड़ेगा। सितंबर महीने से बैंकिग, ट्रैफिक, बीमा, टैक्स, आधार और पैन से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनमें से कुछ आपको राहत देंगे तो कुछ आपकी सेविंग्स से होने वाले फायदे को कम करेंगे।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: August 31, 2019 13:06 IST
many rules change from 1st September 2019- India TV Paisa

many rules change from 1st September 2019

नई दिल्ली। एक सितंबर 2019 यानी रविवार से देश में कई नियम बदल जाएंगे। जिसका सीधा असर हमारी जेब पर पड़ेगा। सितंबर महीने से बैंकिग, ट्रैफिक, बीमा, टैक्स, आधार कार्ड और पैन से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनमें से कुछ आपको राहत देंगे तो कुछ आपकी सेविंग्स से होने वाले फायदे को कम करेंगे। ई-वॉलेट के लिए केवाईसी भी कराना जरूरी है, नहीं तो आपका ई-वॉलेट बंद कर दिया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन रेल टिकट करना भी आपके लिए महंगा होने जा रहा है। आप भी एक नजर में जानिए 1 सितंबर से होने वाले खास बदलावों की पूरी लिस्ट।

ये नए नियम जाने लें वरना हो सकता है बड़ा नुकसान 

  1. ट्रैफिक नियमों को लेकर 1 सितंबर 2019 से मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम लागू हो जाएगा, जिसके बाद आपको यातायात नियम तोड़ने पर भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ेगा। 1 सितंबर से मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम के 63 उपबंध लागू हो जाएंगे। अब शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग आदि में कई गुना अधिक जुर्माना देना होगा। कहीं से भी ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन कर सकेंगे। वहीं सड़क निर्माण में गड़बड़ी के कारण एक्सीडेंट होने पर कंपनी या ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
  2. पुराने टैक्स मामलों को निपटाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नई स्कीम लाई है। ये स्कीम 1 सितंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगी। इस स्कीम में बकाया टैक्स चुकाया जा सकेगा, इस स्कीम में टैक्स चुकाने पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। टैक्स चुकाने के बाद ब्याज, पेनाल्टी से छूट भी मिलेगी। इसके तहत 50 लाख तक के टैक्स पर 70 फीसदी, 50 लाख से ज्यादा के टैक्स पर 50 फीसदी, 50 लाख तक देनदारी, अपील वापसी पर 60 फीसदी और 50 लाख से ज्यादा टैक्स, अपील वापसी पर 40 फीसदी छूट मिलेगी। इसके अलावा, इसने उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के साथ अपील दायर करने के लिए सीमा को क्रमशः 1 करोड़ और 2 करोड़ रुपये कर दिया है।
  3. किसी बैंक, सहकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस अकाउंट से एक साल में कुल एक करोड़ से ज्यादा की नकदी निकासी पर एक सितंबर 2019 से 2 फीसद टीडीएस लिया जाएगा। सरकार ने यह कदम बड़ी मात्रा में नकदी की निकासी को हतोत्साहित करने और लेस कैश इकोनॉमी को प्रमोट करने के उद्देश्य से उठाया है। अब आप कोई प्रॉपर्टी खरीदेंगे, तो अन्य सुविधाओं जैसे- कार पार्किंग, विद्युत-पानी की सुविधा और क्लब मेंबरशिप जैसी अन्य सुविधाओं पर खर्च भी टीडीएस के दायरे में आएगा।
  4. एक सितंबर से अगर कोई व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार कॉन्ट्रैक्टर्स या प्रोफेशनल्स को एक साल में कुल 50 लाख से अधिक का पेमेंट करता है, तो इस पर 5 फीसद की दर से टीडीएस कटेगा। यदि आपको मिलने वाली लाइफ इंश्योरेंस मैच्योरिटी की राशि कर योग्य है, तो शुद्ध आय हिस्से पर 5% की दर से टीडीएस कटेगा। शुद्ध आय वह राशि है, जो कुल प्राप्त राशि में से कुल इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान को घटाने पर प्राप्त होती है।  
  5. जनरल इंश्योरेंस कंपनियां अब वाहनों को भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं तोडफोड़ और दंगे जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए अलग से बीमा कवर उपलब्ध कराएंगी।
  6. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) समेत कई बैंक ग्राहकों के होम, ऑटो लोन को रेपो दरों से लिंक करेंगे। इससे ग्राहकों को कम ब्याज देना होगा। सरकारी बैंकों से 59 मिनट में होम, ऑटो और पर्सनल लोन की सुविधा शुरू होगी।
  7. एसबीआई एक सितंबर से अपने ग्राहकों के लिए होम और ऑटो लोन को रेपो रेट से लिंक करेगा। इसका फायदा यह होगा कि आरबीआई के रेपो रेट में कटौती करने पर ग्राहकों को तुरंत इसका लाभ मिलेगा। एसबीआई ने होम लोन की ब्याज दर में 0.20 फीसदी की कटौती की है।  1 सितंबर से होम लोन पर एसबीआई की ब्याज दर 8.05 फीसदी होगी। 
  8. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने रिटेल फिक्स्ड डिपॉजिट और बल्क डिपॉजिट पर ब्याज की दर घटा दी है। 1 लाख रुपए तक के डिपॉजिट वाले ग्राहकों को सेविंग अकाउंट में 3.5 फीसद ब्याज मिलता रहेगा। हालांकि, एक लाख से ज्यादा डिपॉजिट वाले ग्राहकों के लिए यह दर 3 फीसदी ही रहेगी। हालांकि बैंक ने रिटेल टर्म डिपॉजिट की दर में 0.1 फीसदी से 0.5 फीसदी की कटौती की है। वहीं बल्क डिपॉजिट रेट में 0.3 फीसदी से 0.7 फीसदी तक की कटौती की है।
  9. जिन लोगों ने अभी तक आधार नंबर को पैन से लिंक नहीं करवाया है उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नया पैन जारी करेगा। जुलाई में पेश हुए पूर्ण बजट की घोषणा के अनुसार, यदि तय समय तक पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं हो, तो वह अवैध माना जाएगा। इसका मतलब है कि यदि किसी का पैन वैध नहीं है, तो उस पर ठीक उसी व्यक्ति की तरह व्यवहार होगा जिसके पास पैन कार्ड नहीं होता।
  10. पेटीएम, फोनपे या गूगलपे जैसे मोबाइल ई-वॉलेट इस्तेमाल करने वाले लोगों को 31 अगस्त से पहले-पहले इसकी केवाईसी (KYC) पूरी करनी होगी। एक सितंबर 2019 के बाद ऐसा ना कराने पर मोबाइल वॉलेट काम करना बंद कर देगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न मोबाइल वॉलेट कंपनियों को नोटिस भेजा है। RBI के दिशा निर्देश पर केवाईसी पूरी करने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया था। 
  11. 31 अगस्त के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करने पर 5000 रुपए तक जुर्माना भरना पड़ेगा। जिनकी कर योग्य आय पांच लाख से ज्यादा है उन्हें 5000 रुपए और जिनकी पांच लाख से कम है उन्हें 1000 रुपए जुर्माने के तौर पर देने होंगे। 
  12. 1 सितंबर 2019 से ऑनलाइन रेल टिकट महंगा होगा जाएगा। रेलवे में स्लीपर क्लास के ई-टिकट बुकिंग पर 20 रुपए का सर्विस चार्ज देना होगा। एसी श्रेणी के ई-टिकट पर 40 रुपये का सर्विस चार्ज देना होगा, भीम एप से भुगतान पर स्लीपर के लिए 10 रुपये सर्विस चार्ज देना होगा, एसी के लिए भीम एप से भुगतान पर 20 रुपये सर्विस चार्ज देना होगा। 
  13. 1 सितंबर से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाना और भी आसान हो जाएगा। अधिकतम 15 दिनों में बैंक को केसीसी जारी करना होगा। केंद्र सरकार इस संबंध में बैंकों को दिशा निर्देश जारी कर चुकी है। 
  14. ज्यादातर सभी पब्लिक सेक्टर बैंक (PSU) सुबह 10 बजे खुलते हैं और लोग 10 बजे का इंतजार करते हैं। लेकिन अब ग्राहकों की परेशानी कम होगी। वह ऑफिस जानें से पहले अपना बैंक से जुड़ा काम निपटा पाएंगे। ये नए नियम सितंबर से लागू होंगे। अगर ये नियम लागू होते हैं तो बैंक सुबह 9 बजे खुलेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के बैंकिंग डिवीजन ने सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सुबह 9 बजे खोलने का प्रस्ताव दिया है।
  15. केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने तम्बाकू उत्पादों पर चेतावनी के लिए नई अधिसूचना जारी की है। इसके लिए सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादन (पैकेजिंग व लेबलिंग) नियम, 2008 में बदलाव किये गए हैं। नए नियम 1 सितम्बर, 2019 से लागू होंगे।
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