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मोबाइल पर स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान देशों की लिस्‍ट में भारत पहले स्थान पर, Truecaller सर्वे में खुलासा

ट्रूकॉलर के सर्वे के मुताबिक स्‍पैम कॉल के मामले में भारत दुनिया के सभी देशों में सबसे आगे है। भारतीय उपभोक्‍ता को प्रति महीने 22 स्‍पैम कॉल मिलती हैं।

Sachin Chaturvedi [Updated:14 Jul 2017, 12:28 PM IST]
मोबाइल पर स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान देशों की लिस्‍ट में भारत पहले स्थान पर, Truecaller सर्वे में खुलासा- India TV Paisa
मोबाइल पर स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान देशों की लिस्‍ट में भारत पहले स्थान पर, Truecaller सर्वे में खुलासा

नई दिल्‍ली। मोबाइल फोन पर दिन भर क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन, मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने से लेकर अन्‍य फर्जी कॉल्‍स ने यदि आपका जीना दूभर कर दिया है, तो आप यह भी जान लीजिए कि आप दुनिया भर में सबसे ज्‍यादा सताए जाने वाले लोगों में शामिल हैं। जी हां, एक इंटरनेशनल सर्वे के मुताबिक भारतीय टेलिकॉम ग्राहक दुनिया भर में इन टेलिकॉलर्स से परेशान लोगों की लिस्‍ट में सबसे पहले नंबर पर हैं।

ऑनलाइन फोन डायरेक्‍टरी और कॉलर आईडी सर्विस ट्रूकॉलर के एक ताजा सर्वे के मुताबिक गैर जरूरी और स्‍पैम कॉल के मामले में भारत दुनिया के सभी देशों में सबसे आगे है। सर्वे के मुताबिक प्रत्‍येक भारतीय टेलिकॉम उपभोक्‍ता को प्रति महीने लगभग 22 से अधिक अवांछित या स्‍पैम कॉल मिलती हैं। यह आंकड़ा दुनिया के किसी भी देश के ग्राहकों के मुकाबले सबसे ज्‍यादा है। ट्रूकॉलर्स का सर्वे बताता है कि भारत में सबसे ज्‍यादा स्‍पैम कॉल दूरसंचार कंपनियां से मिलती हैं, जिसका आंकड़ा 54 फीसदी है। वहीं टेलिमार्केटिंग कंपनियां कुल अवांछित कॉल की हिस्‍सेदारी 13 प्रतिशत है।

इस लिस्‍ट में अमेरिका, ब्राजील, चिली और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश भी शामिल हैं, लेकिन भारत का स्‍थान सबसे आगे है। सर्वे के मुताबिक अमेरिका व ब्राजील में टेलिकॉम ग्राहक को हर महीने औसतन 20 स्‍पैम फोन कॉल आती हैं। इन कॉल्‍स में बैंकों की ओर से कार्ड या कर्ज की पेशकश वाली कॉल होती हैं। इसके अलावा दूसरी टेलिकॉम कंपनियों में नंबर पोर्ट कराने का आग्रह करते हुए एक्‍जिक्‍यूटिव की कॉल भी सबसे ज्‍यादा आती हैं।

Web Title: स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान देशों की लिस्‍ट में भारत पहले स्थान पर
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