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पहली तिमाही में ICICI बैंक को 1,908 करोड़ का शुद्ध लाभ, इतना घटा NPA

आईसीआईसीआई बैंक को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकल आधार पर 1,908 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Updated on: July 27, 2019 19:06 IST
ICICI Bank posts Q1 standalone net profit of Rs 1,908 crore- India TV Paisa

ICICI Bank posts Q1 standalone net profit of Rs 1,908 crore

नई दिल्ली। संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार होने से आईसीआईसीआई बैंक (icici bank) को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकीकृत आधार पर 2,513.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ  हुआ। साल भर पहले अवरुद्ध रिणों के लिए हानि के ऊंचे प्रावधान के चलते बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ मात्र 4.93 करोड़ रुपये रहा था। बैंक ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। बता दें कि साल भर पहले समान तिमाही में बैंक को 120 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। 

बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसकी एक आधार पर आय पिछले वित्त वर्ष के 18,574.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,405.50 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। इस दौरान एकीकृत आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के पांच करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार इसी दौरान 2,513.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान एकीकृत आय भी 27,174.12 करोड़ रुपये से बढ़कर 33,868.89 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। 

आलोच्य अवधि के दौरान बैंक को एकल आधार पर 1,908 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। एक साल पहले समान तिमाही में बैंक को एकल आधार पर 120 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। बैंक को ब्याज से होने वाली मुख्य शुद्ध आय 26.80 प्रतिशत बढ़कर 7,737 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। इस दौरान शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.19 प्रतिशत से बढ़कर 3.61 प्रतिशत होने के लाभ के साथ साथ खुदरा क्षेत्र में 22 प्रतिशत की ऋण वृद्धि समेत कुल ऋण कारोबार में 18 प्रतिशत की वृद्धि का भी लाभ हुआ। 

बैंक के मानद कार्यकारी निदेशक संदीप बत्रा और समूह के मुख्य वित्त अधिकारी राकेश झा समेत प्रबंधन ने एक कांफ्रेंस कॉल पर कहा कि कर के मद में वापसी के लाभ होने तथा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में कमी आने से ब्याज दे रही संपत्तियों का हिस्सा बढ़ा है। इस कारण बैंक की शुद्ध ब्याज आय में सुधार हुआ हैं। उन्होंने कहा कि बैंक नीतिगत दरों में कमी का लाभ कर्ज लेने वाले ग्राहकों तक पहुंचाएगा। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक के सकल एनपीए में 2,779 करोड़ रुपये की वृद्धि दिखी। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह वृद्धि 3,457 करोड़ रुपये हुई थी। इसमें खुदरा क्षेत्र के एनपीए में 1,511 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट एवं एसएमई क्षेत्र के सकल एनपीए में 1,268 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। बैंक ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के अवरुद्ध कर्जों में 452 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। 

इसके प्रतिस्पर्धी निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने भी कृषि क्षेत्र के कारण एनपीए बढ़ने की जानकारी दी थी। प्रबंधन ने एनबीएफसी तथा मीडिया क्षेत्र के ऋण खातों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इन क्षेत्रों को थोड़ा बहुत कर्ज दिया गया है जो उल्लेखनीय नहीं है। बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसकी एक आधार पर आय पिछले वित्त वर्ष के 18,574.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,405.50 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। इस दौरान एकीकृत आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के पांच करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार इसी दौरान 2,513.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 

शुद्ध एनपीए भी घटा

इस दौरान एकीकृत आय भी 27,174.12 करोड़ रुपये से बढ़कर 33,868.89 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। बैंक की समग्र गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) 8.81 प्रतिशत से गिरकर 6.49 प्रतिशत पर आ गयी यानी एनपीए में 2.32 प्रतिशत की गिरावट आई है। शुद्ध एनपीए भी 4.19 प्रतिशत से गिरकर 1.77 प्रतिशत पर आ गया। एनपीए के लिये किया जाने वाला प्रावधान भी 5,971.29 करोड़ रुपये की तुलना में कम हो कर 3,495.73 करोड़ रुपये रहा। 

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