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अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है विदेश हवाई यात्रा के टिकटों पर जीएसटी लगाना, आईएटीए के प्रमुख ने कही ये बात

IATA प्रमुख जुनियाक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों पर जीएसटी की वसूली अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के नियमों का उल्लंघन है। साथ ही यह विमानन कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता को कमजोर करता है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: September 04, 2018 13:35 IST
Overseas Air Ticket- India TV Paisa

Overseas Air Ticket

नई दिल्ली विदेश यात्रा के हवाई टिकटों पर वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) वसूलना न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है बल्कि विमानन कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी कमजोर बनाता है। विमानन कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईएटीए (इंटरनेशनल एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) के प्रमुख एलेक्जेंडर डी जुनियाक ने मंगलवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र के सामने हवाईअड्डों का निजीकरण, बुनियादी ढांचा संबंधी चुनौतियां और महंगे विमान ईंधन जैसी तमाम चिंताएं हैं।

आईएटीए से दुनियाभर की 280 से भी ज्यादा विमानन कंपनियां संबद्ध हैं। भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया, जेट एयरवेज और विस्तार भी इसकी सदस्य हैं।

जुनियाक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों पर जीएसटी की वसूली अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के नियमों का उल्लंघन है। साथ ही यह विमानन कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता को कमजोर करता है। आईसीएओ संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा है। यह एक वैश्विक विमानन इकाई है।

देश में हवाई टिकटों पर जीएसटी की दर इकोनॉमी श्रेणी के लिए पांच प्रतिशत और बिजनेस श्रेणी के लिए 12% है। आईएटीए के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जुनियाक ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र 2037 तक तेजी से बढ़ता दिख रहा है। तब तक यहां के लिए, यहां से या घरेलू स्तर पर ही 50 करोड़ हवाई यात्रा होने लगेगी।

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