1. You Are At:
  2. India TV
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. जीएसपी हटने के बाद जून में तरजीही भारतीय उत्पादों का अमेरिका को निर्यात 32 प्रतिशत बढ़ा

जीएसपी हटने के बाद जून में तरजीही भारतीय उत्पादों का अमेरिका को निर्यात 32 प्रतिशत बढ़ा

अमेरिका द्वारा भारत को दी जाने वाली तरजीही शुल्क व्यवस्था जीएसपी का लाभ समाप्त होने के बाद अमेरिका को इस व्यवस्था के तहत होने वाली वस्तुओं का निर्यात जून में 32 प्रतिशत बढ़ गया। भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने यह जानकारी दी है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: August 12, 2019 6:44 IST
india us trade- India TV Paisa

india us trade

नयी दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारत को दी जाने वाली तरजीही शुल्क व्यवस्था जीएसपी का लाभ समाप्त होने के बाद अमेरिका को इस व्यवस्था के तहत होने वाली वस्तुओं का निर्यात जून में 32 प्रतिशत बढ़ गया। भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने यह जानकारी दी है।

टीपीसीआई ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग (यूएसआईटीसी) के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन भारतीय वस्तुओं को जीएसपी का लाभ मिल रहा था, उनका निर्यात पिछले साल जून के 49.57 करोड़ डॉलर से बढ़कर इस साल जून में 65.74 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने एक बयान में कहा कि पिछले साल के जून महीने की तुलना में इस साल जून में जीएसपी सुविधा से हटाये गये भारतीय उत्पादों का अमेरिका को निर्यात 32 प्रतिशत बढ़ गया।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण रुख है क्योंकि इससे पहले जीएसपी के तहत 19 करोड़ डॉलर के लाभ का दावा किया गया था। इसके हटने के बाद इस वृद्धि ने 16.17 करोड़ डॉलर के लाभ की भरपाई कर ली है। अब महज 2.83 करोड़ डॉलर का लाभ हासिल करना शेष रह गया है। जिन उत्पादों के निर्यात में तेजी देखी गयी है उनमें प्लास्टिक रबर, एल्यूमीनियम, मशीन एवं उपकरण, परिवहन उपकरण, चमड़ा एवं खाल, मोती एवं कीमती पत्थर आदि शामिल हैं।

सिंगला ने कहा कि इससे पता चलता है कि भारतीय उत्पादों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है और मान्यता से इतर ये पूरी तरह से मदद पर निर्भर नहीं हैं। अमेरिका ने पांच जून से भारतीय उत्पादों को सामान्यीकृत तरजीही प्रणाली (जीएसपी) के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन सुविधा को समाप्त कर दिया था। यह सुविधा 1,900 भारतीय उत्पादों पर दी जाती रही है।

Write a comment