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विदेशियों ने 2017 में खरीदी 1.5 लाख करोड़ रुपए की ऋण संपत्तिया, शेयरों में की 51 हजार करोड़ की खरीदारी

विदेशी निवेशकों ने 2017 में भारतीय ऋण बाजार में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Published on: January 07, 2018 15:42 IST
FPI- India TV Paisa
FPI

नई दिल्‍ली। विदेशी निवेशकों ने 2017 में भारतीय ऋण बाजार में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। इस निवेश की प्रमुख वजह बांड पर उच्‍च यील्‍ड और स्थिर मुद्रा है। इससे पहले के वर्ष में निवेशकों ने भारी निकासी की थी। 2014 के बाद 2017 ऋण बाजार में विदेशी संस्‍थागत निवेश के लिहाज से सबसे बेहतर वर्ष रहा है। हालांकि बाजार जानकारों का कहना है कि इस तरह का एफपीआई निवेश 2018 में जारी नहीं रहेगा क्‍योंकि वह पैसा निकाल रहे हैं और विकसित देशों में ब्‍याज दरों में वृद्धि हो रही है।

नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 2017 में ऋण बाजार में 1.49 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध संपत्ति खरीदी है। इससे पहले 2016 में निवेशकों ने 43,645 करोड़ रुपए की निकासी की थी। 2015 में निवेशकों ने ऋण बाजार में 45,856 करोड़ रुपए का निवेश किया था। 2014 में निवेश का यह आकड़ा 1.6 लाख करोड़ रुपए था।

इसकी तुलना में विदेशी निवेशकों ने 2017 में 51,000 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी बाजार में किया है। क्‍वांटम म्‍यूचुअल फंड के फंड मैनेजर-फि‍क्‍स्‍ड इनकम पंकज पाठक ने कहा कि पिछले दो सालों में भारत में वास्‍तविक दर बहुत ऊंची हुई है, जिसने विदेशियों को ऋण बाजार में निवेश के लिए आकर्षित किया है।

मॉर्निंगस्‍टार एडवाइजर्स के सीनियर रिसर्च एनालिस्‍ट हिमांशु श्रीवास्‍तव का कहना है कि यह बांड पर उच्‍च यील्‍ड, घरेलू अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार की उम्‍मीद और स्थिर मुद्रा और मुद्रास्‍फीति की वजह से हुआ है। भारत में 10 साल के सरकारी बांड पर यील्‍ड अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और फ्रांस समेत तमाम देशों के समान अवधि वाले बांड की तुलना में सबसे अधिक है।  

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