1. You Are At:
  2. खबर इंडिया टीवी
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. सितंबर में FPI ने भारतीय पूंजी बाजार से निकाले 21,000 करोड़ रुपए, पिछले 4 माह का है सबसे ऊंचा आंकड़ा

सितंबर में FPI ने भारतीय पूंजी बाजार से निकाले 21,000 करोड़ रुपए, पिछले 4 माह का है सबसे ऊंचा आंकड़ा

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर माह में भारतीय पूंजी बाजारों से 21,000 करोड़ रुपए (तीन अरब डॉलर) की निकासी की है।

Edited by: India TV Paisa Desk [Published on:30 Sep 2018, 11:42 AM IST]
rupee counting- India TV Paisa
Photo:RUPEE COUNTING

rupee counting

नई दिल्‍ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर माह में भारतीय पूंजी बाजारों से 21,000 करोड़ रुपए (तीन अरब डॉलर) की निकासी की है। पिछले चार महीने में यह एफपीआई की निकासी का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। एफपीआई की ओर से निकासी की अहम वजह वैश्विक स्तर पर व्यापार मोर्चे पर बढ़ता तनाव और चालू खाते के घाटे की चिंता रही। 

इससे पहले अगस्त में विदेशी निवेशकों ने पूंजी बाजारों (शेयर एवं ऋण बाजार) में करीब 5,200 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था। जुलाई में उन्होंने 2,300 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इससे पहले विदेशी निवेशकों ने अप्रैल-जून के दौरान 61,000 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की है।  

10,825 करोड़ रुपए के बेचे शेयर

डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर महीने में शेयर बाजार से 10,825 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की, जबकि ऋण बाजार से 10,198 करोड़ रुपए निकाले। इस प्रकार निवेशकों ने कुल 21,023 करोड़ रुपए की निकासी की। यह मई के बाद की सबसे बड़ी निकासी है। मई में विदेशी निवेशकों ने 29,775 करोड़ रुपए की निकासी की थी। 

निकासी की ये रहीं 5 मुख्‍य वजह

मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया में वरिष्ठ शोध विश्लेषक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापार मोर्चे पर बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की उच्च कीमतों की वजह से चालू खाते का घाटा बढ़ना, रुपए की कमजोरी, राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने की सरकार की क्षमता को लेकर चिंता और उम्मीद से कम जीएसटी संग्रह इस निकासी की वजह रही। 

विदेशी निवेशक रखें हुए हैं नजर

श्रीवास्‍तव ने कहा कि ये सभी कारक देश के वृहत बुनियादी कारकों को प्रभावित कर रहे हैं। इसने आर्थिक वृद्धि की स्थिरता पर भी संदेह खड़ा किया है, जिस पर विदेशी निवेशक करीब से नजर रखे हुए हैं। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव से भी विदेशी निवेशकों के लिए जोखिम खड़ा हो गया और वे भारत जैसे उभरते हुए बाजारों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। इस वर्ष अब तक निवेशकों ने शेयर बाजार से 13,000 करोड़ रुपए और ऋण बाजार से 48,000 करोड़ रुपए की निकासी की है।

Web Title: FPI outflow hits 4-month high of Rs 21,000 cr in Sept | सितंबर में FPI ने भारतीय पूंजी बाजार से निकाले 21,000 करोड़ रुपए, पिछले 4 माह का है सबसे ऊंचा आंकड़ा
Write a comment