1. You Are At:
  2. India TV
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन आंध्र प्रदेश में स्‍थापित करेंगे यूनिवर्सिटी

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन आंध्र प्रदेश में स्‍थापित करेंगे यूनिवर्सिटी, उद्योगपतियों के साथ मिलाया हाथ

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और भारतीय कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों व कुछ प्रबुद्ध अर्थशास्त्रियों ने लिबरल आर्ट यूनिवर्सिटी स्थापना के लिए हाथ मिलाया है।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Published on: March 24, 2018 11:41 IST
raghuram rajan- India TV Paisa
raghuram rajan

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और भारतीय कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों व कुछ प्रबुद्ध अर्थशास्त्रियों ने लिबरल आर्ट यूनिवर्सिटी स्थापना के लिए हाथ मिलाया है। क्रिया नाम की यह यूनिवर्सिटी आंध्र प्रदेश की श्रीसिटी में स्थापित की जाएगी। इस गठजोड़ का मकसद देश में पूर्व स्नातक शिक्षा के स्तर में बदलाव लाना है।

इंडसइंड बैंक के प्रमुख तथा यूनिवर्सिटी के निगरानी बोर्ड के चेयरमैन आर शेषसायी ने कहा कि प्रस्तावित लिबरल आर्ट यूनिवर्सिटी में पहले चरण में 750 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि इस 750 करोड़ रुपए के निवेश में से 70 से 80 प्रतिशत को लेकर चीजें स्पष्ट हैं। कंपनियां अपनी सीएसआर (परमार्थ) गतिविधियों के तहत यह निवेश कर रही हैं।  

यूनिवर्सिटी के पहले बैच की शुरुआत जुलाई, 2019 में होगी, जिसके लिए प्रवेश नवंबर से शुरू होगा। हॉस्टल सुविधाओं के साथ फीस या शुल्क सात से आठ लाख रुपए होगा। शुरुआत में यूनिवर्सिटी पाठ्यक्रमों का संचालन श्रीकोटी के आईएफएमआर कैंपस से करेगी। बाद में यह अपने 200 एकड़ के परिसर में स्थानांतरित होगा, जो 2020 तक बनकर तैयार होगा। 

शेषसायी ने कहा कि यह लिबरल आर्ट और विज्ञान में चार साल का रेजिडेंशियल स्नातक पूर्व कार्यक्रम होगा, जिनके तहत बीए (ऑनर्स) और बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मंजूरी मांगी गई है। 

यूनविर्सिटी संचालन परिषद के सलाहकार राजन ने कहा कि हम नई सोच रखने वाले भारतीयों का समूह तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं, जो दुनिया के विकास में योगदान देगा। जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल, जोकि संचालन परिषद के सदस्य हैं, ने उम्मीद जताई कि यह यूनिवर्सिटी दुनिया और देश की बेहतरीन प्रतिभाओं को साथ लाएगा। संचालन परिषद के एक अन्य सदस्य आनंद महिंद्रा भी हैं। पूर्व बैंकर एन वाघुल संचालन परिषद के चेयरमैन और शिक्षाविद् सुंदर रामास्वामी इसके कुलपति होंगे। 

Write a comment