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कर्मचारियों का बोझ ढोते-ढोते BSNL हुई कंगाल, वेतन खर्च घटाए बिना नहीं होगा स्थिति में सुधार

बीएसएनएल के पास 1.65 लाख और एमटीएनएल के पास 21,679 कर्मचारी हैं। एयरटेल के पास केवल 21,000, वोडाफोन के पास 9,000 और रिलायंस जियो के पास 52,000 कर्मचारी हैं।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Updated on: July 18, 2019 19:36 IST
Employee cost of BSNL is more than double against private telecoms- India TV Paisa
Photo:EMPLOYEE COST OF BSNL IS

Employee cost of BSNL is more than double against private telecoms

नई दिल्‍ली। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को राज्‍य सभा में कहा कि डाटा-केंद्रित टेलीकॉम बाजार में मोबाइल सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्‍पर्धा, उच्‍च कर्मचारी लागत और 4जी सेवाओं की कमी (कुछ स्‍थानों को छोड़कर) ने बीएसएनएल की प्रतिस्‍पर्धी क्षमता पर बुरा असर डाला है। उन्‍होंने बताया कि बीएसएनएल के पास 1.65 लाख कर्मचारी है, जबकि एमटीएनएल के कर्मचारियों की संख्‍या 21,679 है। बीएसएनएल अपने राजस्‍व का 75 प्रतिशत हिस्‍सा कर्मचारियों के वेतन-भत्‍तों पर खर्च करती है। वहीं दूसरी ओर, एयरटेल के पास केवल 21,000, वोडाफोन के पास 9,000 और रिलायंस जियो के पास 52,000 कर्मचारी हैं।

प्रसाद ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को अधिक प्रतिस्‍पर्धी बनाने के लिए कदम उठा रही है और इसमें टेक्‍नोलॉजी का अपग्रेडेशन और पूंजी निवेश जैसे उपाय शामिल हैं। उन्‍होंने कहा‍ कि दूरसंचार क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक पीएसयू का होना बहुत महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि पूरी दुनिया में भारत में ही मोबाइल और डाटा के दाम सबसे कम हैं।

उन्‍होंने कहा कि सरकार बीएसएनएल में इक्विटी निवेश सहित पूंजी निवेश जैसे कदमों पर विचार कर रही है। इसके अलावा सरकार बीएसएनएल को देश में 4जी सेवाओं के लिए टेक्‍नोलॉजी अपग्रेडेशन पर भी विचार कर रही है। उन्‍होंने कहा कि बीएसएनएल अपने राजस्‍व का 75 प्रतिशत हिस्‍सा केवल कर्मचारियों को वेतन देने में खर्च करती है, जबकि प्राइवेट कंपनियों की कर्मचारी लागत तुलनात्‍मक रूप से बहुत कम है।

ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च, 2019 तक बीएसएसएन की बाजार हिस्‍सेदारी 10.72 प्रतिशत है। इससे पहले दूरसंचार मंत्री ने लोक सभा में बताया था कि भारत संचार निगम लिमिटेड को वित्‍त वर्ष 2018-19 में 14,000 करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है। इसके साथ ही कंपनी का राजस्‍व भी घटकर 19,308 करोड़ रुपए रहने की संभावना है।

सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को 2014-15 में 4,859 करोड़ रुपए, 2016-17 में 4,793 करोड़, 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है और 2018-19 में बढ़कर इसके 14,202 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

प्रसाद ने लोक सभा में बताया था कि 2018-19 में बीएसएनएल का वेतन खर्च कुल राजस्‍व का 75 प्रतिशत है। बीएसएनएल ने वित्‍त वर्ष 2018-19 में अपने 1.7 लाख कर्मचारियों को वेतन देने पर 14,488 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

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