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वोडाफोन-आइडिया के विलय प्रस्ताव को कल मिल सकती है विभाग की मंजूरी, बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर की विलय योजना को दूरसंचार विभाग की मंजूरी कल मिल सकती है। विलय के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लि. होगा और मौजूदा ग्राहक संख्या के हिसाब से यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनी हो जाएगी।

Edited by: Manish Mishra [Published on:17 Jun 2018, 10:41 AM IST]
Vodafone Idea Merger- India TV Paisa

Vodafone Idea Merger

नई दिल्ली। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर की विलय योजना को दूरसंचार विभाग की मंजूरी कल मिल सकती है। विलय के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लि. होगा और मौजूदा ग्राहक संख्या के हिसाब से यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनी हो जाएगी। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि वोडाफोन-आइडिया के विलय को दूरसंचार विभाग की मंजूरी सोमवार को मिल सकती है। दोनों कंपनियों के विलय के बाद आज के हिसाब से नई कंपनी की संयुक्त आय 23 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक) होगी और उसके ग्राहकों का आधार 43 करोड़ होगा। इस तरह यह देश की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी।

इस बढ़ी हुई ताकत से दोनों कंपनियों को बाजार प्रतिस्पर्धा से निपटने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है। नयी कंपनी रिलायंस जियो के प्रवेश के बाद टेलीकॉम बाजार आकर्षक पैकेज दे कर ग्राहकों को तोड़ने-जोड़ने की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है। इससे मोबाइल इंटरनेट और कॉल सेवाओं की दरें काफी कम हो गयी हैं।

विलय में जा रही इन दोनों कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के करीब बताया जा रहा है।

सूत्र ने कहा कि विलय योजना की मंजूरी के लिए विभाग आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेल्यूलर से बैंक गारंटी लेगा। इसके अलावा कंपनी को यह भी भरोसा देना होगा कि ब्रिटेन के वोडाफोन समूह की कंपनी वोडाफोन इंडिया पर आगे भी कोई देनदारी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी आइडिया को पूरी करनी होगी।

दूरसंचार विभाग आइडिया सेल्यूलर के स्पेक्ट्रम के एकबारगी शुल्क के लिए 2100 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांग सकता है। इसके अलावा उसे यह भरोसा भी देना होगा कि वह अदालती आदेश के अनुसार स्पेक्ट्रम संबंधी सभी बकायों का निपटान करेगी।

स्पेक्ट्रम शुल्क का टुकड़ों में भुगतान के लिए वोडाफोन इंडिया की एक साल की बैंक गारंटी की जिम्मेदारी आइडिया को लेनी होगी। सूत्रों के अनुसार विभाग दोनों कंपनियों से यह भी वचन लेगा कि वे न्यायालय में लंबित मामलों से उत्पन्न किसी भी देनदारी को चुकाएंगी।

विलय के बाद नई कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45.1 प्रतिशत और कुमारमंगलम बिड़ला के नेतृत्व वाले आदित्य बिड़ला समूह की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत तथा आइडिया के शेयरधारकों की हिस्सेदारी 28.9 प्रतिशत होगी। प्रस्तावों के मुताबिक कुमारमंगलम बिड़ला नई कंपनी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन होंगे और बालेश शर्मा को कंपनी का मुख्यकार्यपालक अधिकारी बनाया जा सकता है।

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