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एलएंडटी फाइनेंशियल सर्विसेज के डिजिटल सखी कार्यक्रम ने 2 लाख से अधिक लोगों को किया शिक्षित, डिजिटल भुगतान में आई 36% वृद्धि

डिजिटल तरीकों से भुगतान, अर्थात प्रीपेड कार्ड, मोबाइल वॉलेट, यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI), अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा (USSD), इंटरनेट एवं मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ आधार एनेबल्ड पेमेंट सर्विस (AEPS) के बारे में जागरूकता भी कई गुना बढ़ गई है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: February 05, 2019 19:24 IST
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Photo:DIGITAL SAKHI

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नई दिल्ली। एलएंडटी फाइनेंशियल सर्विसेज ने आज डिजिटल सखी कार्यक्रम को लागू किए जाने के एक वर्ष बाद आयोजित मूल्यांकन सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर श्वेत पत्र जारी किया। वित्तीय समावेशन- डिजिटल वित्तीय समावेशन के जरिये  महिलाओं का सशक्तिकरण शीर्षक वाले इस श्वेत पत्र में डिजिटल वित्त को अपनाने में, विशेष तौर पर ग्रामीण महिलाओं के संदर्भ में, मुद्दों एवं बाधाओं की पहचान की गई तथा डिजिटल वित्त को अधिकाधिक संख्या में महिलाओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु ठोस समाधान प्रस्तुत किया गया है।

इस श्वेत पत्र के अनुसार, डिजिटल आधार पर महिलाओं की वित्तीय साक्षरता महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों, उनके समुदायों और बड़े पैमाने पर पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभान्वित करती है। एलएंडटी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ, वेल्‍थ मैनेजमेंट एंड ग्रुप हेड सीएसआर, मनोज शेनॉय ने कहा कि डिजिटल वित्तीय समावेशन विभिन्न चरणों वाली एक प्रक्रिया है, जिसमें सबसे पहले बुनियादी वित्तीय साक्षरता का स्थान आता है तथा इसी के आधार पर वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन संभव है।

जून 2017 में महाराष्ट्र के तीन जिलों पुणे, उस्मानाबाद एवं शोलापुर में पहली बार डिजिटल सखी कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इन सभी इलाकों में कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले आयोजित आधारभूत अध्ययन की तुलना में वर्ष अंत मूल्यांकन सर्वेक्षण किया गया। कार्यक्रम के दायरे में आने वाले गांवों में भुगतान के डिजिटल साधनों के उपयोग में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।  महिला उद्यमियों के काम-काज में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। महिला उद्यमियों के कुल वार्षिक राजस्व में 14.08 प्रतिशत की वृद्धि आई।

डिजिटल तरीकों से भुगतान, अर्थात प्रीपेड कार्ड, मोबाइल वॉलेट, यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI), अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा (USSD), इंटरनेट एवं मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ आधार एनेबल्ड पेमेंट सर्विस (AEPS) के बारे में जागरूकता भी कई गुना बढ़ गई है।

घरेलू स्तर पर वित्तीय निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं को शामिल करना, डिजिटल सखी कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस कार्यक्रम से पहले, घरेलू स्तर पर सभी प्रमुख वित्तीय निर्णय ज्यादातर घर के पुरुष मुखिया द्वारा लिए जाते थे। हालिया सर्वेक्षण के नतीजों से यह पता चलता है कि, कार्यक्रम के बाद अब घर के ज्यादातर सदस्य, विशेषकर महिलाएं परिवार के वित्तीय निर्णयों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।

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