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लंबित आईटीआर, रिफंड का निपटाने के लिए सीबीडीटी ने तय की 31 अगस्त समयसीमा

सीबीडीटी ने 2009-10 और 2014-15 के बीच किसी वर्ष के लिए लंबित आयकर रिटर्न (ITR) तथा रिफंड के निपटान के लिए 31 अगस्त तक की समय समयसीमा तय की है।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Published on: May 09, 2016 18:37 IST
लंबित ITR और रिफंड के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार, CBDT ने 31 अगस्त तय की समयसीमा- India TV Paisa
लंबित ITR और रिफंड के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार, CBDT ने 31 अगस्त तय की समयसीमा

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 2009-10 और 2014-15 के बीच छह आकलन वर्ष के दौरान किसी वर्ष के लिए लंबित आयकर रिटर्न (ITR) तथा रिफंड के निपटान के लिए 31 अगस्त तक की समय समयसीमा तय की है।

उक्त आकलन वर्षों के लिए कई मामलों में बेंगलुरु स्थित संग्रहण केंद्र में आईटीआर-पांच प्राप्ति फॉर्म नहीं मिलने के मुद्दों के चलते रिफंड जारी नहीं किया जा सका है। सीबीडीटी ने इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसमें विभाग ने करदाताओं को अंतिम अवसर की पेशकश की है।

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विभाग ने कहा है इसके अनुसार, आकलन वर्ष 2009-10, 2010-11, 2011-12, 2012-13, 2013-14 व 2014-15 के लिए जिन करदाताओं के रिफंड व कर मुद्दे बकाया हैं, उन्हें आधिकारिक पोर्टल पर अपने आयकर रिटर्न को तत्काल प्रमाणित करना चाहिए या आईटीआर-पांच की प्रमाणिक प्रति उसके बेंगलुरु स्थित सीपीसी में स्पीडपोस्ट से भेजनी चाहिए। यह सारा काम 31 अगस्त से पहले करना होगा। इसके अनुसार जिन करदाताओं ने 2009-10 से लेकर 2014-15 तक के आइटीआर ऑनलाइन दाखिल किए हैं लेकिन जिन्होंने आईटीआर-पांच फॉर्म को प्रमाणित नहीं किया, वे भी अपने इन रिटर्न का प्रमाणीकरण ईवीसी के जरिए कर सकते हैं। यह भी 31 अगस्त से पहले करना होगा। उल्लेखनीय है कि सीबीडीटी आयकर विभाग का शीर्ष नीति निर्माता निकाय है।

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