1. You Are At:
  2. India TV
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. नौकरी करने वाले हर व्‍यक्ति के लिए खुशखबरी, अब एक साल बाद ही नौकरी छोड़ने या बदलने पर मिलेगी ग्रैच्युटी!

नौकरी करने वाले हर व्‍यक्ति के लिए खुशखबरी, अब एक साल बाद ही नौकरी छोड़ने या बदलने पर मिलेगी ग्रैच्युटी!

यह हर नौकरी करने वाले उस आदमी के लिए अच्‍छी खबर है, जो प्राइवेट सेक्टर या सरकारी कंपनियों (PSU) में नौकरी करते हैं।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Updated on: August 06, 2017 13:59 IST
नौकरी करने वाले हर व्‍यक्ति के लिए खुशखबरी, अब एक साल बाद ही नौकरी छोड़ने या बदलने पर मिलेगी ग्रैच्युटी!- India TV Paisa
नौकरी करने वाले हर व्‍यक्ति के लिए खुशखबरी, अब एक साल बाद ही नौकरी छोड़ने या बदलने पर मिलेगी ग्रैच्युटी!

नई दिल्‍ली। यह हर नौकरी करने वाले उस आदमी के लिए अच्‍छी खबर है, जो प्राइवेट सेक्टर या सरकारी कंपनियों (PSU)  में नौकरी करते हैं। सरकार ग्रैच्युटी से जुड़े नियमों को उदार बनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत समय-सीमा कम करने और टैक्‍स फ्री ग्रैच्‍युटी भुगतान की सीमा दोगुना करने पर विचार कर रही है।

श्रम मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव पर यदि सरकार सहमत हो जाती है तो एक साल बाद नौकरी छोड़ने वाला या बदलने वाला कर्मचारी भी ग्रैच्युटी का हकदार होगा। अभी 5 साल की नौकरी पूरी करने पर ही कर्मचारी ग्रैच्युटी के पात्र होते हैं। श्रम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इससे संबंधित प्रस्ताव दूसरे मंत्रालयों के पास विचार के लिए भेजा जा चुका है।

मंत्रालयों से जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी एक्‍ट में भी संशोधन जल्द ही होगा। भारतीय मजदूर संघ के महासचिव वीरेश उपाध्याय का कहना है कि हम कर्मचारियों के हित के हर प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। बता दें कि इससे पहले सरकार ने सिफारिश की थी कि प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही अधिकतम 20 लाख रुपए तक ग्रैच्युटी मिले। कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद अब इसे संसद में विधेयक के रूप में पेश किया जाना बाकी है।

श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था कि प्राइवेट सेक्टर में भी ग्रैच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया जाए। सातवें वेतन आयोग ने भी ग्रैच्युटी की सीमा को दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख करने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारें भी इसे लागू कर चुकी हैं।

केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की ग्रैच्युटी की राशि को दोगुना करते हुए सरकारी कर्मचारियों के बराबर किया जाए। कर्मचारी यूनियनों ने ग्रैच्युटी के भुगतान के लिए प्रतिष्ठान में कम-से-कम 10 कर्मचारियों के होने तथा न्यूनतम पांच साल की सेवा की शर्तों को हटाने की भी मांग की है।

Write a comment