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Budget 2018: घरेलू उपकरण निर्माताओं को बजट से प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद, पर्यटन उद्योग ने की दरों पर पुनर्विचार करने की मांग

गोदरेज एप्लायंसेज, पैनासोनिक, फिलिप्स लाइटिंग और इंटेक्स जैसी टिकाऊ उपभोक्ता सामान और घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों को आगामी बजट में विनिर्माण प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

Abhishek Shrivastava Abhishek Shrivastava
Published on: January 26, 2018 17:13 IST
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नई दिल्ली। गोदरेज एप्लायंसेज, पैनासोनिक, फिलिप्स लाइटिंग और इंटेक्स जैसी टिकाऊ उपभोक्ता सामान और घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों को आगामी बजट में विनिर्माण प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इन कंपनियों को उम्मीद है कि बजट में घरेलू कंपनियों को स्थानीय स्तर पर विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा और आयात पर सीमाशुल्क बढ़ाया जाएगा।

गोदरेज एप्लायंसेज के कारोबार प्रमुख कमल नंदी ने कहा कि फ्रिज, वॉशिंग मशीन और एसी जैसे उपभोक्ता उपकरण अब विलासिता का सामान नहीं रह गए हैं। इस तरह के उपकरणों को अब ग्राहकों के लिए और वहनीय बनाए जाने की जरूरत है। इन्हें 28प्रतिशत के बजाये जीएसटी में 18 प्रतिशत के दायरे में रखा जाना चाहिए।

विनिर्माता कंपनियों को बिजली दक्षता में पांच सितारा और 4 सितारा उपकरणों पर कर कम किए जाने की उम्मीद है ताकि लोग इसे ज्यादा से ज्यादा अपना सकें। वहीं पैनासोनिक को इस तरह के उत्पादों पर सीमाशुल्क बढ़ाए जाने की उम्मीद है ताकि इनके घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।

पैनासोनिक के भारत और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष शर्मा ने कहा कि टीवी, माइक्रोवेव, स्मार्टफोन और एलईडी बल्बों की तरह हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार टिकाऊ उपभोक्ता सामान मसलन वॉशिंग मशीन, फ्रिज इत्यादि के लिए भी इसी तरह के (आयात शुल्क बढ़ाने) के कदम उठाएगी ताकि इनके घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कर की दरों पर पुनर्विचार की जरूरत  

घरेलू पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कर की दरों पर पुनर्विचार की जरूरत है। उद्योग जगत ने आगामी बजट से पहले यह बात कही है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन और समावेशी विकास के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण इस क्षेत्र को अनुकूल नीतियां तथा माहौल से मदद मिलेगी।

मेकमायट्रिप के संस्थापक एवं समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीप कालरा ने एक बयान में कहा कि वैश्विक बाजार में थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर जैसे क्षेत्रीय देशों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारत को वैश्विक दरों पर सेवाओं की पेशकश करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कर की कम दरों ने इन बाजारों को प्रमुख पर्यटन स्थल बनाया है जबकि पर्यटकों के लिए खर्च के लिहाज से भारत नुकसान में रहा है। देश में आधारभूत संरचना को बेहतर करने की जरूरत पर बल देते हुए कालरा ने कहा कि ढांचागत विकास पर्यटन क्षेत्र की पूर्व शर्त है। इसका अतिरिक्त फायदा निजी निवेश का आकर्षित होना तथा आर्थिक वृद्धि में तेजी भी है।  

कॉक्स एंड किंग्स ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर केरकर ने कहा कि घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार को जीएसटी की दरें कम करनी चाहिए। यह अभी 2500-7500 रुपए की श्रेणी के होटल कमरों के लिए 18 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले काफी अधिक है।

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