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टोयोटा और मर्सिडीज बढ़ा सकते हैं गाड़ियों के दाम, रुपए की कमजोरी के चलते उठा सकते हैं कदम

जापान की कार निर्माता कंपनी टोयोटा और जर्मनी की कार कंपनी मर्सिडीज-बेंज देश में अपनी कारों की कीमत में इजाफा करने पर विचार कर रही हैं

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: September 23, 2018 12:50 IST
Sagging rupee may spur price hike by Toyota, Mercedes-Benz- India TV Paisa

Sagging rupee may spur price hike by Toyota, Mercedes-Benz

नई दिल्ली। लगातार कमजोर होते रुपए के चलते जापान की कार निर्माता कंपनी टोयोटा और जर्मनी की कार कंपनी मर्सिडीज-बेंज देश में अपनी कारों की कीमत में इजाफा करने पर विचार कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 72 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। इससे वाहन कंपनियों की चिंताएं बढ़ी हैं। 

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उप प्रबंध निदेशक एन. राजा ने कहा कि मौजूदा समय में हम उच्च लागत को झेल रहे हैं। हालांकि रुपए में और गिरावट के चलते आने वाले दिनों में ऊंची लागत को और संभाल पाना मुश्किल होगा। हमें इस लागत को ग्राहकों तक हस्तांतरित करना होगा और इसके लिए हमें कीमतों में इजाफा करना होगा।

टोयोटा किर्लोस्कर, भारत के किर्लोस्कर समूह और जापान के टोयोटा समूह का संयुक्त उपक्रम है। राजा ने कहा कि कंपनी अभी भी विशेष कलपुर्जों के लिए आयात पर निर्भर है। भले ही इसने पिछले कई सालों में अधिकतर कलपुर्जों में स्थानीय सामान की हिस्सेदारी बढ़ायी हो। टोयोटा किर्लोस्कर देश के भीतर कई तरह के वाहन बेचती है जिसमें स्थानीय तौर पर बनी हैचबैक कार इटियॉस लीवा से लेकर आयातित एसयूवी लैंड क्रूजर तक शामिल हैं। हालांकि कंपनी के निर्यात बढ़ाने के सवाल पर राजा ने कहा कि कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। 

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) माइकल जॉप का भी मानना है कि रुपए की गिरती हालत कंपनी के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विकास के आधार पर पिछले दो से तीन माह में पहले ही कीमतों में कुछ वृद्धि लागू की है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में और गिरावट (रुपए) देखी गई है जो कि चिंता का विषय है। ऐसे में हम इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और यह समस्या और गहराती है तो कीमत बढ़ाना अपरिहार्य हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कंपनी ने इसी महीने कीमतों में चार प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की थी, ताकि बढ़ी लागत के प्रभाव को कम किया जा सके। इससे पहले इसी महीने होंडा कार्स ने कहा था कि रुपए की गिरावट की वजह से उसे एक बार अपने वाहनों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। 

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