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हीरो मोटोकॉर्प का पूंजीगत खर्च 1,500 करोड़ रुपए के पूर्वानुमान से रह सकता है कम

हीरो मोटोकॉर्प का पूंजीगत व्यय चालू वित्त वर्ष में पूर्व में लगाए गए 1,500 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रह सकता है। इसकी प्रमुख वजह आर्थिक गतिविधियों में लंबे समय से जारी नरमी और दुपहिया वाहन उद्योग के समक्ष खड़ी चुनौतियां हैं। देश की सबसे बड़ी दुपहिया वाहन कंपनी हीरो को चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में हालात सुधरने की उम्मीद है। 

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: September 22, 2019 16:35 IST
Hero MotoCorp- India TV Paisa

Hero MotoCorp

नयी दिल्ली। हीरो मोटोकॉर्प का पूंजीगत व्यय चालू वित्त वर्ष में पूर्व में लगाए गए 1,500 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रह सकता है। इसकी प्रमुख वजह आर्थिक गतिविधियों में लंबे समय से जारी नरमी और दुपहिया वाहन उद्योग के समक्ष खड़ी चुनौतियां हैं। देश की सबसे बड़ी दुपहिया वाहन कंपनी हीरो को चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में हालात सुधरने की उम्मीद है। इसकी वजह अच्छे मानसून के चलते ग्रामीण मांग में मजबूती और भारत स्टेज-6 लागू होने से पहले खरीद बढ़ने की संभावना का होना है। 

कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी निरंजन गुप्ता ने कहा, 'पहले हमने 2019-20 में 1,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब हमें लगता है कि इसमें कुछ कटौती करनी पड़ सकती है।' उन्होंने कहा कि कंपनी पहले इस पूरे अनुमान पर पुनर्विचार करेगी और नए पूंजीगत व्यय को लेकर निर्णय करेगी। कंपनी ने घोषणा की थी कि वह अपने उत्पादों को भारत स्टेज-6 के अनुरूप ढालने के लिए चालू वित्त वर्ष में 1,500 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय करेगी। इसमें आंध्र प्रदेश में लगने वाले संयंत्र का भी खुलासा किया जाना था। 

हीरो मोटोकॉर्प ने 2018-19 में 700 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय किया था। चालू वित्त वर्ष के आने वाले महीनों में कारोबार परिदृश्य के बारे में पूछे जाने के पर गुप्ता ने कहा, 'मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुये हमें दूसरी छमाही में कुछ सुधार की उम्मीद लगती है, इसकी कुछ झलक आगामी त्योहारी मौसम में दिखाई दे सकती है।' उन्होंने कहा कि बेहतर मानूसन को देखते हुये तीसरी और चौथी तिमाही के दौरान ग्रामीण बाजारों से भी मांग आने की उम्मीद है। वाहन उद्योग इस समय अप्रत्याशित मंदी के दौर से गुजर रहा है। अगस्त माह में थोक वाहन बिक्री में पिछले दो दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 

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