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Sawan Month 2018: जानें सावन में भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों के बारें में, देखें तस्वीरें

भारत में विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर है। भारत एक ऐसा देश है जहां हिमालय की चोटी से ले कर साउथ के कन्‍याकुमारी तक मंदिर ही मंदिर बसे हुए हैं। जिनके दर्शन के लिए कोने-कोने से लोग यहां आते है। जिनके दर्शन मात्र से लोग मोक्ष प्राप्त कर लेते है। जानिए भारत के बारह ऐसे ज्योर्तिलिंग के बारें में जो महिमा पूरे विश्व में जाना जाती है।

Edited by: shivani singh [Updated:07 Aug 2018, 8:06 AM IST]
Lord shiva- India TV
Lord shiva

नई दिल्ली: सावन माह की शुरुआत हो गई है। चारों तरफ महादेव का जयकार और ऊं नम: शिवाय की गूंज सुनाई दे रही है। हिन्दू धर्म में श्रावण के इस महीनें को सबसे पवित्र माना जाता है। भारत में विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर है। भारत एक ऐसा देश है जहां हिमालय की चोटी से ले कर साउथ के कन्‍याकुमारी तक मंदिर ही मंदिर बसे हुए हैं। जिनके दर्शन के लिए कोने-कोने से लोग यहां आते है। जिनके दर्शन मात्र से लोग मोक्ष प्राप्त कर लेते है। जानिए भारत के बारह ऐसे ज्योर्तिलिंग के बारें में जो महिमा पूरे विश्व में जाना जाती है।

1. काशी विश्‍वनाथ मंदिर, वाराणसी

काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी विश्‍वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्‍ट स्‍थान है। मान्यता है कि एक बार दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्‍नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

2. केदारनाथ मंदिर, उत्‍तराखंड
उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में से एक है। यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्‍य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्‍थरों में कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पाण्डव वंश के जनमेजय ने कराया था। यहां पर मौजूद शिवलिंग बहुत प्राचीन है।

3. अमरनाथ गुफा, जम्‍मू कश्मीर
अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्योंकि यहां पर भगवान शिव ने माँ पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यहां पर शिवलिंग प्राकृतिक वर्फ से निर्मित होती है।

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Svayambhu means "self-manifested", "self-existing", or "that is created by its own accord". Lord Shiva is Svayambhu , and 12 the jyotirlingas are considered swayambhu- which means they are not installed by any person but they exist on their own. The Ice Lingam at Amarnath Cave is also Svayambhu. Inside the 40 m (130 ft) high Amarnath cave, the stalagmite is formed due to freezing of water drops that fall from the roof of the cave on to the floor and grows up vertically from the cave floor. Amarnath temple is located in the state of Jammu and Kashmir at a height of about 12,760 feet. Devotees visit the Amarnath cave every year for getting a pious glimpse of Lingam of Lord Shiva which is believed to be formed naturally from ice. The temple is only accessible for a short duration during the year in the month of July to August, when the ice Lingam is formed. It is said that Shiva narrated the story of the creation of the universe and the secret of immortality to his companion Parvati, here in this cave. Once Maa Parvati curiously asked Shiva, the reason why he wears necklace of skulls. He replies "beloved every time you die, I take a head from your body and add it to my Mundmala. This perplexed Parvati and she ask "why it is that he is immortal and she dies every time? Lord Shiva replies that this happens because of the Amar Katha. He chose a secluded place (so that no one else listens to his story), to narrate to her the secret of immortality and the most suitable place he found was #Amarnath #cave. For the same, he left his bull Nandi at Pahalgam, at Chandanwari he left Moon taking it out of his hair, at the bank of Sheshnag he left his snake. He also left Ganesha at the Mahagunas Parvat and at Panjtarni he left behind all the five elements that is air, water, earth, sky and fire which are believed to be the building blocks of human beings. He then started narrating the story of the world to Parvati. Inadvertently, an egg which was lying beneath the skin of the deer, got protected and it is believed that the pair of pigeons which were born out of this egg became immortal having listened to the story of the Amar Katha. ✨👁🕉🏔📿🌀🔱🙏🏻✨#harharmahadev #lordshiva

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4. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात
हिन्दू धर्म में सोमनाथ मंदिर का अहम स्थान है। बारह ज्योतिर्लिंगों में  से एक है। इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था । इस मंदिर को अब तक सतरह बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया।

5. महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। समय व मृत्यु के देवता के नाम से इन्हें जाना जाता है। महाकालेश्वर की प्रतिमा दक्षिणमुखी है।

6. वैद्यनाथ मन्दिर, देवघर
बारह ज्योतिर्लिंग में एक ज्‍योतिर्लिंग का पुराणकालीन मन्दिर है जो भारतवर्ष के राज्य झारखंड में अतिप्रसिद्ध देवघर नामक स्‍थान पर अवस्थित है। पवित्र तीर्थ होने के कारण लोग इसे वैद्यनाथ धाम भी कहते हैं। मान्यता है कि यहां पर आने वालों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसीलिए इसे कामना लिंग नाम से भी जाना जाता है।

वैद्यनाथ मन्दिर, देवघर

वैद्यनाथ मन्दिर, देवघर

7. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग,  गुजरात
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के परिसर में भगवान शिव की ध्यान मुद्रा में एक बड़ी ही मनमोहक अति विशाल प्रतिमा है जिसकी वजह से यह मंदिर को दो किलोमीटर की दुरी से ही दिखाई देने लगता है, यह मूर्ति 125 फीट ऊँची तथा 25 फीट चौड़ी है। सभामंड़प के आगे तलघर नुमा गर्भगृह में श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापित है।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग,  गुजरात

8. त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग
यह मन्दिर महाराष्ट्र-प्रांत के नासिक जिले में हैं यहां के निकटवर्ती ब्रह्म गिरि नामक पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम है। गौतम ऋषि तथा गोदावरी के प्रार्थनानुसार भगवान शिव इस स्थान में वास करने की कृपा की और त्र्यम्बकेश्वर नाम से विख्यात हुए। मंदिर के अंदर एक छोटे से गङ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग है, ब्रह्मा, विष्णु और शिव- इन तीनों देवों के प्रतिक माने जाते हैं।

9. ओंकारेश्वर मंदिर
ऊँ की पवित्र आकृति स्वरूप यह द्वीप सदृश मनोरम स्थल अनंतकाल से तीर्थ के रूप में मान्य है। यहां नर्मदा-कावेरी के संगम पर ओंकार मांधाता के मंदिर में स्थापित ज्योतिर्लिंग पुराण प्रसिद्ध द्वादश जयोतिर्लिंगों में से एक है।

10. घृष्णेश्वर महादेव मंदिर
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक घृष्णेश्वर महादेव मंदिर है। यह अंतिम  ज्योर्तिलिंग माना जाता है। यहां दर्शन करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और हर प्रकार की सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

घृष्णेश्वर महादेव मंदिर

घृष्णेश्वर महादेव मंदिर

11. भीमाशंकर
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।

12. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इसके बारें में मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।

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