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Ganesh Chaturthi 2017:..तो इस कारण किसी भी शुभ काम में की जाती है सबसे पहले श्री गणेश की पूजा

शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी काम में बिघ्न -बाधा से बचने के लिए सबसे पहले श्री गणेश का अनुष्ठान, पूजा, अराधना की जाती है। जानिए शास्त्रों में श्री गणेश को सर्वप्रथम पूजने के पीछे क्या पौराणिक कथा है। जानिए

Edited by: India TV Lifestyle Desk [Published on:22 Aug 2017, 11:09 AM IST]
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धर्म डेस्क:  हिंदू धर्म में किसी भी शुभकार्य को शुरु करने के पहले गणेशजी की पूजा करना जरुरी माना गया है। चाहे वह किसी भी तरह का कार्य हो। कुछ लोग शुभारंभ करते समय सर्वप्रथम श्रीगणेशाय नम: लिखते हैं। इसके अलावा यह रिवाज भी है कि सभी देवी-देवताओं से पहले श्री गणेश की पूजा की जाती है।

दरअसल शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी काम में बिघ्न -बाधा से बचने के लिए सबसे पहले श्री गणेश का अनुष्ठान, पूजा, अराधना की जाती है। जानिए शास्त्रों में श्री गणेश को सर्वप्रथम पूजने के पीछे क्या पौराणिक कथा है।

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पद्मपुराण के अनुसार सृष्टि के आरंभ में जब यह प्रश्न उठा कि प्रथमपूज्य किसे माना जाए, तो समस्त देवतागण ब्रह्माजी के पास पहुंचे। ब्रह्माजी ने कहा कि जो कोई संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा सबसे पहले कर लेगा, उसे ही प्रथम पूजा पहुंचे। इस पर सभी देवतागण अपने-अपने वाहनों पर सवार होकर परिक्रमा हेतु चल पडे। चूंकि गणेशजी का वाहन चूहा है और उनका शरीर स्थूल, तो ऐसे में वे परिक्रमा कैसे कर पाते! इस समस्या को सुलझाया देवर्षि नारद ने।

नारद ने उन्हें जो उपाय सुझाया, उनके अनुसार गणेशजी ने भूमि पर "राम" नाम लिखकर उसकी सात परिक्रमा की और ब्रह्माजी के पास सबसे पहले पहुंच गए। तब ब्रह्माजी ने उन्हें प्रथमपूज्य बताया, क्योंकि "राम" नाम साक्षात् श्रीराम का स्वरूप है और श्रीराम में ही संपूर्ण ब्रह्मांड निहित है।

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