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World Mosquito Day: मच्छर के काटने से मलेरिया ही नहीं बल्कि हो सकती है ये जानलेवा बीमारियां, जानें लक्षण

विश्व मच्छर दिवस:आपको बता दें इस दिन पेशेवर चिकित्सक सर रोनाल्ड रास ने वर्ष 1896 में यह खोज की थी कि इंसान में मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के लिए रेस्पोंसिबल मादा मच्छर है। जानिए मच्छर के कटने से कौन-कौन सी जानलेवा बीमरियां फैलती है।

India TV Lifestyle Desk India TV Lifestyle Desk
Published on: August 20, 2018 7:16 IST
World Mosquito Day- India TV
World Mosquito Day

हेल्थ डेस्क: छोटा सा दिखने वाला मच्छर दुनिया का सबसे ज्यादा खतरनाक जीव माना जाता है। मच्छर का छोटा सा डंक हमारी सेहत के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता हैं। इसके डंक से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। हर साल पूरे विश्व में 20 अगस्त के दिन विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता हैं। आप सोच रहे होंगे भला मच्छरों को याद करने का दिन क्यों मनाया जाता है। तो आपको बता दें इस दिन पेशेवर चिकित्सक सर रोनाल्ड रास ने वर्ष 1896 में यह खोज की थी कि इंसान में मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के लिए रेस्पोंसिबल मादा मच्छर है। जानिए मच्छर के कटने से कौन-कौन सी जानलेवा बीमरियां फैलती है।

मलेरिया

मलेरिया मादा मच्छर एनॉफिलीज के काटने से फैलता है। जिसकी खोज चिकित्सक सर रोनाल्ड रास ने की थी। ये मच्छर आमतौर पर दिन में शाम के समय एक्टिव होते हैं। दरअसल मादा मच्छर एनॉफिलीज के शरीर के अंदर प्लाज्मोडियम नामक परजीवी पलता है। जब यह मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तब रोग का परजीवी रक्तप्रवाह के जरिये लिवर में पहुंचकर अपनी संख्या को बढ़ाने लगता है। यह स्थिति लाल रक्त कोशिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। (सिर्फ औरतों को ही नहीं पुरूषों को भी होता है स्तन Cancer, ये हैं लक्षण भूल से भी न करें इग्नोर)

मलेरिया के लक्षण

सिर में तेज दर्द, उल्टी होना या जी मचलना, हाथ पैरों खासकर जोड़ों में दर्द होना, शरीर में खून की कमी होना, कमजोरी और थकान महसून होना , आंखों की पुतलियों का रंग पीला होना, तेज बुखार, पसीना निकलने पर बुखार कम होना आदि हैं।

चिकनगुनिया

चिकनगुनिया बुखार के शरीर में फैलने से भारी मात्रा में पोटेशियम का स्राव होता है। इससे प्लेटलेट्स की संख्‍या तेजी से कम होने लगती है। इसका असर दिल पर भी पड़ता है। रोगी का रक्‍तचाप भी कम हो जाता है। शरीर में प्रोटीन की कमी होने से किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है। इसी के साथ ही कई तरह के इंफेक्शन जैसे निमोनिया, बैक्टिरिया आदि होने से जान का भी खतरा बना रहता है। (खाना खाने के 1 घंटा पहले करें इसका सेवन और सिर्फ 7 दिन में पाएं मोटापा से निजात )

चिकनगुनिया का लक्षण
इसके कारण जोड़ों में दर्द होता है। यह बुखार सामान्‍यत: दो दिनों से दो सप्‍ताह तक रहता है, लेकिन कई बार रोगी को इस बीमारी के प्रभाव से उबरने में महीनों का वक्‍त लग जाता है। अन्य लक्षण- थकान, गठिया का दर्द, सिर दर्द, मिचली, उल्टियां, ठंड लगना, और चकत्ते आदि चिकनगुनिया के लक्षण हैं

डेंगू

डेंगू बुखार एक वायरल एडीज एजिप्टी मच्छर से फैलने वाला संक्रमण है। अगर इस बुखार में समय से इलाज ना मिले तो मरीज की हालत गंभीर हो सकती है और उसकी जान भी जा सकती है। डेंगू उन लोगों को जल्दी प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।

डेंगू के लक्षण
गंभीर पेट दर्द, नाक, मुंह, मसूड़ों या त्वचा (चोट लगी है तब) से रक्त स्राव, खून की या बिना खून की लगातार उल्टी होना, अधिक पसीना आना, काला मल, भूख में कमी, थकान और कमजोरी का एहसास , व्यक्ति की त्वचा ठंडी पड़ जाती है और शरीर पर लाल-गुलाबी चकते पड़ जाते हैं।

ज़ीका बुखार

हालांकि ज़ीका वायरस भारत में उतना नहीं पाया जाता है जितना अफ्रीकी देशों में इसका प्रकोप है। फिर भी विदेश से लौटने वाले लोगों में इस मच्छर जनित जानलेवा रोग का खतरा होता है। ज़ीका वायरस भी एडीज प्रजाति के ही मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके पर्मुख लक्षण है कि इसके कारण बुखार और जोड़ों में दर्द, शरीर में चकत्ते पड़ जाते है। ('सत्यमेव जयते' में दिखीं जॉन अब्राहम की जबरदस्त बॉडी, जानें उनका वर्कआउट और डाइट प्लान)

जापानी इन्सेफेलाइटिस

मस्तिष्क ज्वर, दिमागी बुखार आदि नामों से मशहूर जापानी इन्सेफेलाइटिस एक जानलेवा बीमारी है। इसका शिकार बच्चे ज्यादा होते हैं। सुअर इस बीमारी का मुख्य वाहक होते हैं। सूअर के ही शरीर में इस बीमारी के वायरस पनपते और फलते-फूलते हैं, और फिर मच्छरों द्वारा यह वायरस सुअर से मानव शरीर में पहुंच जाता है।

जापानी इन्सेफेलाइटिस के लक्षण
बुखार, सिरदर्द, अतिसवेंदनशील होना, लाकवा मारना, पागनपन के दौरे पड़ना, आधे लोगों की स्थिति तो कोमा में जाने तक की हो जाती है। अगर कोई छोटा बच्चा ज्यादा देर रोता है, भूख की कमी, उल्टी, बुखार आदि हो जाना।

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