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भारतीय महिलाओं में बढ़ रहा है हृदय रोग का खतरा, ये है लक्षण

भारतीय महिलाओं में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहा है और इसके पीछे उनकी सुस्त जीवनशैली, तनाव, प्रदूषण कारण हो सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को हृदय रोग को समझने और उसके प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

Written by: India TV Lifestyle Desk [Published on:29 Sep 2018, 11:49 AM IST]
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हेल्थ डेस्क: भारतीय महिलाओं में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहा है और इसके पीछे उनकी सुस्त जीवनशैली, तनाव, प्रदूषण कारण हो सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को हृदय रोग को समझने और उसके प्रति जागरूक करने की जरूरत है। विश्व हृदय दिवस (29 सितम्बर) के मौके पर बीएलके सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक और डायरेक्टर डॉ. नीरज भल्ला का कहना है, "हृदय रोग की वजह हृदय को या उसके किसी हिस्से को पहुंची क्षति, कोरोनरी आर्टरी को पहुंची क्षति या उस तक पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की कमजोर आपूर्ति होती है।" 

उन्होंने कहा, "कार्डियोवस्क्यूलर सिस्टम ऑक्सीजन-युक्त रक्त को हृदय से धमनियों के जरिये शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाता है, वहीं शिराओं के जरिये ऑक्सीजन रहित रक्त को फिर हृदय तक लाता है। भारतीय महिलाओं में हृदय रोग खतरनाक तरीके से बढ़ रहा है और इसके पीछे उनकी सुस्त जीवनशैली, तनाव, प्रदूषण और गर्भनिरोधक दवाओं व अन्य हारमोनल दवाइयों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।" 

एक सर्वे में कहा गया है कि भारत में रहने वाली करीब 50 प्रतिशत महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक है। यह उन्हें कार्डियोवस्क्यूलर बीमारियां (सीवीडी) होने का खतरा बढ़ाता है। 'द लैंसेट' में प्रकाशित 2000 से 2015 के बीच कोरोनरी हार्ट की बीमारियों की वजह से होने वाली मौतों पर किए गए अध्ययन के मुताबिक आयु-मानकीकृत मृत्यु दर (प्रति 1,00,000 व्यक्ति प्रति वर्ष) ग्रामीण पुरुषों में 40 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी जबकि शहरी पुरुषों में इसकी दर गिरी है। ग्रामीण भारतीय महिलाओं में यह बढ़ोतरी करीब 56 प्रतिशत रही है। 

डॉ. नीरज ने कहा, "महिलाएं आम तौर पर परेशानियों और दर्द की अनदेखी करती हैं। जटिलताओं पर देर से प्रतिक्रिया देती हैं। यह उनमें हृदय रोगों के बढ़ने की प्रमुख वजह है। हमें उन्हें जीवनशैली में सुधार और हृदय रोगों से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक करना होगा। यह उन्हें हृदय रोगों से जूझने में मदद करेगा। महिलाओं को हृदय रोगों के लक्षणों और संकेतों के बारे में भी जागरूक करना होगा। यदि हृदय रोग से बचना है तो जंक फूड से परहेज करना होगा, कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखना होगा, ब्लड प्रेशर को स्थिर रखना होगा, अल्कोहल और धूम्रपान से दूर रहना होगा, अच्छी नींद लेनी होगी और कसरत करनी होगी।"

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Web Title: Nearly 50% Indian women at risk of heart disease: भारतीय महिलाओं में बढ़ रहा है हृदय रोग का खतरा, ये है लक्षण
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