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बुलंदशहर हिंसा: अस्‍पताल ले जाने देते तो बच जाती इंस्‍पेक्‍टर की जान, जानिए घटना की पूरी इनसाइड स्‍टोरी

बुलंदशहर की स्याना कोतवाली के चिंगरावठी चौकी की घटना के बाद कई चौंकाने वाले सच सामने आ रहे हैं। गोकशी की अफवाह के बाद गुस्साई भीड़ के उपद्रव के बीच स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई।

Sachin Chaturvedi Written by: Sachin Chaturvedi
Updated on: December 04, 2018 13:09 IST
बुलंदशहर हिंसा- India TV
बुलंदशहर हिंसा

बुलंदशहर की स्‍याना कोतवाली के चिंगरावठी चौकी की घटना के बाद कई चौंकाने वाले सच सामने आ रहे हैं। गोकशी की अफवाह के बाद गुस्‍साई भीड़ के उपद्रव के बीच स्‍याना थाने के इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार की हत्‍या कर दी गई। साथ ही भीड़ ने एसएचओ के वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया। (बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के परिवार को 50 लाख मुआवजे का ऐलान, SIT जांच के आदेश)

घटना के चश्‍मदीद सब इंस्‍पेक्‍टर सुरेश कुमार ने बताया कि करीब 300 से 500 की उग्र भीड़ ने चौकी को घेर लिया था। प्राथमिक रिपोर्ट में सामने आया था कि इंस्पेक्टर की पत्थर या किसी भारी वस्तु मार कर हत्या की गई। हालांकि बाद में पोस्‍टमार्टम में सिर पर चोट के साथ बार्इं आंख के ऊपर गोली लगने की भी पुष्टि हुई। इस घटना में शादी का कार्ड बांटने निकले एक युवक की भी गोली लगने से मौत हो गई। बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिस कर्मी तथा करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई है। भीड़ की हिंसा में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है तथा तीन कारों को आग लगा दी गई। (बुलंदशहर हिंसा में गोली लगने से हुई इंस्पेक्टर की मौत, पोस्टमार्टम में गन शॉट की पुष्टि)

अस्‍पताल जाते तो बच सकते थे इंस्‍पेक्‍टर

प्रत्‍यक्षदर्शियों के मुताबिक उग्र भीड़ द्वारा चौकी पर हमले के बाद वहां से जाने के सभी रास्‍ते भी रोक दिए थे। जिसके कारण घायल इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार को अस्‍पताल नहीं ले जाया जा सका। पोस्‍टमार्टम में मौत का कारण ज्‍यादा खून बह जाना भी बताया जा रहा है। हत्‍या के बाद भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया गया। जिसके चलते इंस्‍पेक्‍टर के ड्राइवर और अन्‍य पुलिस कर्मियों को भागना पड़ा। उपद्रवी भीड़ ने इंस्‍पेक्‍टर के वाहन को भी आग लगा दी। (बुलंदशहर में क्यों हुआ बवाल? उत्तर प्रदेश के ADG आनंद कुमार की कही 10 मुख्य बातें)

पुलिस कर्मियों ने क्‍यों छोड़ा इंस्‍पेक्‍टर को अकेला, होगी जांच 

मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि इस घटना के बाद 2 लोगों को हिरासत में ले लिया गया गया है। इसके साथ ही एक एसआईटी का भी गठन किया गया है जो यह जांच करेगी कि इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार को साथी पुलिस कर्मियों ने क्‍यों और किन परिस्थितियों में अकेला छोड़ा। 

300 से 500 लोगों ने घेरी चौकी​

इस घटना के चश्‍मदीद सब इंस्‍पेक्‍टर सुरेश कुमार ने इंडिया टीवी को बताया कि घटना के वक्‍त 300 से 500 लोगों की भीड़ ने चौकी को घेर लिया था। भीड़ बेहद हिंसक थी। लोगों ने रास्‍ता जाम कर चौकी पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिस कर्मी संभल नहीं पाए। जिसका जहां जगह मिली, वह भाग गया। उन्‍होंन बताया कि सोमवार सुबह पुलिस टीम उस जगह गई थी जहां गोवंश के अवशेष पड़े हुए थे। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से गोवंश का पोस्‍टमार्टम करवाने की बात कही थी। साथ ही लोगों से इसके संबंध में पूछताछ की, लेकिन बहुत से लोग बहुत सी बातें कर रहे थे। ऐसे में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

सुबोध कुमार ने की थी इकलाख हत्‍याकांड की जांच​

इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार जिनकी हत्‍या सोमवार को भीड़ ने की, वे 2015 में हुए चर्चित इकलाक हत्‍याकांड की जांच कर रहे थे। सुबोध कुमार सिंह दादरी के इकलाख हत्याकांड में 28 सितम्बर 2015 से 9 नवम्बर 2015 तक जाँच अधिकारी थे, इस मामले में चार्जशीट दूसरे जांच अधिकारी ने मार्च 2016 मे दाखिल की थी।

क्‍या है मामला

थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में रविवार की रात अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर करीब 25-30 गोवंश काट डाले थे। यह सूचना मिलने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोग घटनास्थल पर पहुंचे और कथित तौर पर काटे गए गोवंश के गोवंश अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सोमवार सुबह चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर-गढ़ स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और सीओ एसपी शर्मा पहुंचे। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए। साथ ही चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी। 

10 पॉइंट में पूरी खबर 

  1. खेत में गोवंश मिलने की वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश था और 3 गावों के लोगों ने प्रदर्शन किया
  2. गावं वालों ने 15 गाड़ियों को तोड़ा और आग लगाई
  3. घटना का वीडियो वायरल हुआ और गांव वालों ने भी फायरिंग की
  4. गांव वालों के हिंसक प्रदर्शन के जवाब में पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी, इस दौरान इंस्पेक्टर सुबोध को हेड इंजुरी हुई
  5. डॉक्टर ने बताया की किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट की वजह से हेड इंजुरी हुई है
  6. इंस्पेक्टर सुबोध की मौत पर पूरी जानकारी पोस्ट मॉर्टम के बाद सामने आएगी
  7. इंस्पेक्टर सुबोध की मृत्युु इलाज के दौरान अस्पताल में हुई है
  8. हालात को काबू में करने के लिए RAF की 5 और PAC की 6 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं
  9. मामले की पूरी जांच के लिए SIT का गठन किया गया है, माहौल नहीं बिगड़ने देंगे
  10. जांच में तेजी के लिए ADI इंटेलिजेंस को बुलंदशहर भेज दिया गया है।

 

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Web Title: Bulandshahr violence protests uttar truth facts behind inspector Killing | बुलंदशहर हिंसा: अस्‍पताल ले जाने देते तो बच जाती इंस्‍पेक्‍टर की जान, जानिए घटना से जुड़े कड़वे 'सच'
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