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लोकसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी ने महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक का वादा किया

लोकसभा चुनावों से पहले महिला प्रधान संसदीय क्षेत्र में राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह महिला आरक्षण विधेयक पारित करवाएंगे जो पिछले नौ वर्षों से राज्यसभा में पारित होने के बाद से लटका हुआ है। 

Bhasha Bhasha
Published on: March 08, 2019 17:11 IST
Rahul Gandhi File Photo- India TV
Image Source : PTI Rahul Gandhi File Photo

जयपुर (ओडिशा): लोकसभा चुनावों से पहले महिला प्रधान संसदीय क्षेत्र में राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह महिला आरक्षण विधेयक पारित करवाएंगे जो पिछले नौ वर्षों से राज्यसभा में पारित होने के बाद से लटका हुआ है। गांधी ने कहा, ‘‘महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में उन्हें तुरंत आरक्षण दिए जाने की जरूरत है। कांग्रेस यह सुनिश्चित करने की इच्छुक है और सत्ता में आने पर वह ऐसा करेगी।’’ 

संप्रग सरकार ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मुहैया कराने के लिए 108वां संविधान (संशोधन) विधेयक 2010 में राज्यसभा में पारित कराया गया था। भाजपा के 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में इसे पारित कराने का वादा किया गया था। भाजपा और कांग्रेस के अलावा वामपंथी दलों, राकांपा, अन्नाद्रमुक और द्रमुक सहित कई दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया लेकिन इन निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण निर्धारित करने का कानून अब तक नहीं बन पाया है। 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं से बातचीत करते हुए गांधी ने उनसे जीवन के हर क्षेत्र में ‘‘स्थान’’ बनाने के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया क्योंकि देश प्रभावी और बराबर भागीदारी के बगैर प्रगति नहीं कर सकता है। उन्होंने एक महिला प्रतिनिधि के सवाल पर कहा, ‘‘आपको अपना स्थान बनाने के लिए संघर्ष करना चाहिए और खुद को किसी पुरुष से कम नहीं मानना चाहिए। महिलाओं को उचित स्थान पाने के लिए संघर्ष करना चाहिए, चाहे वह विधानसभा हो, लोकसभा हो या व्यवसाय का क्षेत्र।’’ उन्होंने पुरुषों से कहा कि समाज में महिलाओं का स्थान सुरक्षित करने के लिए काम करें। 

राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को अधिक से अधिक राजनीति में हिस्सा लेना चाहिए । उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि किस तरह से कुछ राज्यों में पंचायती राज संस्थानों में आरक्षण से महिलाओं को लाभ मिला है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दुख जताया कि ओडिशा में केवल दो महिला मंत्री हैं। एक प्रतिनिधि ने जब उत्तरप्रदेश में एक भाजपा विधायक द्वारा एक महिला से बलात्कार किए जाने का मुद्दा उठाया तो गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं पर अत्याचार को ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं’’ करने की नीति चाहती है। 

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘महिलाओं से बलात्कार और उन पर अत्याचार के मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को अपने विचार स्पष्ट करने चाहिए। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मुद्दे पर हमारा रूख कतई बर्दाश्त नहीं करने वाला होगा। उन्हें तेजी से न्याय मिलना चाहिए।’’ 

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ओडिशा में औसतन आठ महिलाओं से रोजाना बलात्कार होता है और सरकार की लापरवाही के कारण साल भर में महज सात आरोपियों को सजा हो पाती है। राहुल गांधी ने वादा किया कि अगर कांग्रेस ओडिशा में सत्ता में आती है तो मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित हर स्तर पर महिलाओं को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। 

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आदिवासी, दलित और पिछड़े तबकों सहित सभी महिलाओं को नि:शुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि उनका सही मायने में सशक्तिकरण हो सके।’’ ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ-साथ होने वाले हैं। राहुल गांधी ने कहा कि खनन क्षेत्र से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में होना चाहिए। बढ़ती बेरोजगारी के एक सवाल पर गांधी ने कहा कि ओडिशा के कोरापुट जिले के सुनेबादा स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को अगर राफेल लड़ाकू विमान का सौदा दिया जाता, तो नौकरी के ज्यादा अवसर सृजित किए जा सकते थे।

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