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कन्हैया को नहीं घुसने दिया हैदराबाद विश्वविद्यालय में, लगाए रोहित समर्थक नारे

हैदराबाद: जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बुधवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश से रोक दिया गया। कन्हैया रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद से हैदराबाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से एकजुटता दिखाने

India TV News Desk [Published on:24 Mar 2016, 8:59 AM IST]
kanhaiya kumar- India TV
kanhaiya kumar

हैदराबाद: जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बुधवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश से रोक दिया गया। कन्हैया रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद से हैदराबाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से एकजुटता दिखाने वहां पहुंचे थे लेकिन यूनिवर्सिटी में तनाव के माहौल के मद्देनजर वहां कैंपस में किसी बाहरी को घुसने पर पाबंदी लगा रखी है।

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर रोके जाने के बाद 28 साल के कन्हैया ने बाहर ही एक छोटा सा भाषण दिया। यहां उन्होंने 'तुम कितने रोहित मारोगे, हर घर से रोहित निकलेगा' के नारे भी लगाए। कन्हैया ने विश्वविद्याल प्रशासन पर छात्रों के विरोध के अधिकार को कुचलने का आरोप लगाया।

    
कन्हैया कुमार बुधवार दोपहर को हैदराबाद में रोहित वेमुला की मां से मिले और रोहित को न्याय दिलाने की बात दोहराई। रोहित वेमुला की मां, रोहित के मित्रों, कुछ शिक्षकों तथा विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने पीएचडी स्कॉलर रोहित को केंद्रीय मंत्रियों बंडारू दत्तात्रेय तथा स्मृति ईरानी के दबाव में निलंबित किया था। हालांकि मंत्रियों ने इस मामले में किसी भी तरह का दबाव डालने के आरोप से इंकार किया है।
    
गौरतलब है कि रोहित वेमुला समर्थक छात्रों ने मंगलवार को वाइस-चांसलर अप्पाराव पोडिले के ऑफिस-कम-रिज़िडेंस (आवास तथा कार्यालय) को घेरकर उन्हें छह घंटे तक बंधक बनाए रखा था। छात्रों ने उनके कार्यालय में तोड़फोड़ भी की, मीडिया पर भी हमला किया, तथा पुलिसकर्मियों पर पत्थर भी फेंके। इस सिलसिले में पुलिस ने बुधवार को 25 छात्रों को गिरफ्तार किया, जिनमें प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रमुख नेता शामिल हैं, और इस वजह से कैम्पस में छात्रों के बीच गुस्सा फैलता बताया जा रहा है।
    
छात्रों का कहना है कि वाइस-चांसलर को इसलिए बर्खास्त किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने उस वक्त कोई दखलअंदाज़ी नहीं की थी, जब अपनी मौत से एक महीना पहले रोहित ने जाति के आधार पर भेदभाव किए जाने की शिकायत की थी।
    
यूनिवर्सिटी ने सोमवार तक के लिए सभी कक्षाएं निलंबित कर दी हैं, मुख्यद्वार को छोड़कर यूनिवर्सिटी के सभी दरवाज़ों को बंद कर दिया है, तथा शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। यूनिवर्सिटी ने एक बयान में यह भी कहा है कि बुधवार से वह 'मीडियाकर्मियों, राजनीतिक दलों, बाहरी छात्रों, संगठनों तथा राजनेताओं को यूनिवर्सिटी कैम्पस में प्रवेश नहीं करने देगी...'
    
आमतौर पर खुला रहने वाला यूनिवर्सिटी का मुख्यद्वार बुधवार को बंद है तथा वहां सुरक्षाधिकारी पहरा दे रहे हैं, तथा हर आने वाली की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस बीच, हैदराबाद पुलिस का कहना है कि कन्हैया कुमार को गिरफ्तार करने या उन्हें हिरासत में लेने के लिए उनके पास फिलहाल कोई आधार नहीं है, और वे कन्हैया को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की ओर जाने से नहीं रोक सकते।

कन्हैया गुरुवार को यहां ‘एंटी कम्युनलिज़म’ विषय पर आयोजित एक समारोह में भाषण देंगे।

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Web Title: कन्हैया नहीं जा पाए हैदराबाद विश्वविद्यालय, लगाए रोहित समर्थक नारे
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