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सरदार पटेल पहले प्रधानमंत्री होते तो किसानों की बदहाली नहीं होती : मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर नेहरु-गांधी परिवार पर निशान साधते हुए दावा किया कि अगर सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो किसानों की यह ‘बर्बादी’ नहीं हुई होती।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: November 24, 2018 22:13 IST
Had Sardar Patel been Prime Minister, farmers would not have been ruined: PM Modi in Mandsaur- India TV
Image Source : PTI Had Sardar Patel been Prime Minister, farmers would not have been ruined: PM Modi in Mandsaur

मंदसौर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर नेहरु-गांधी परिवार पर निशान साधते हुए दावा किया कि अगर सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो किसानों की यह ‘बर्बादी’ नहीं हुई होती। कांग्रेस पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने विपक्षी दल से सवाल किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा ‘गरीबी हटाओ’ का वादा गलत था या नहीं। 

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा पर 2014 के लोकसभा चुनावों में लोगों से झूठे वादे करने का आरोप लगा रहे हैं। मोदी मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के सिलसिले में यहां भाजपा के पक्ष में एक आमसभा को सम्बोधित कर रहे थे। मोदी ने कथित तौर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ से जुड़े एक वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता केवल एक विशेष समुदाय के लोगों के वोट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह लोकतंत्र का अपमान नहीं है। 

राहुल गांधी को ‘नामदार’ बोलते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को उनकी अपनी ही पार्टी में भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार की दशकों तक गलत नीतियों के कारण आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है और हमारी सरकार को गालियां पड़ रही हैं। अगर सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के प्रधानमंत्री होते तो कांग्रेस के 55 साल में किसानों की बर्बादी नहीं हुई होती। वह सच्चे अर्थो में किसानों के नेता थे।’’ 

मोदी ने पूर्ववर्ती संपग्र सरकार के बारे में दावा किया कि दिल्ली में मैडम के रिमोट कंट्रोल से सरकार चलती थी। उस समय किसान को 15-16 प्रतिशत पर ब्याज मिलता था जबकि भाजपा सरकार उनको ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। गौरतलब है कि पिछले साल मंदसौर में किसानों का विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें पुलिस गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गयी थी। 

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